रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य में धान खरीदी की घोषणा की जाती है किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में बसे दलाल लोगों के द्वारा मंडियों में अपने भाई भतीजा विस्तार एवं पत्नी के नाम पर पंजीयन करवा कर कर धान बिक्री किया जा रहा है
क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों की भूमि के आधार पर मंडी में अपनी धान बेचने की प्रारूप या गाइडलाइन नहीं बनाया गया जो सोच नहीं है
क्या मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रति किसान प्रति हेक्टर के हिसाब से उपज के अनुसार अपनी धानका उपज मंडी में बिक्री कर सकता है किंतु दलालों के माध्यम से गांव मैं 13 सो रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से खरीद कर व्यापारियों के द्वारा कृषि उपज मंडी बान गांव के अंतर्गत ग्राम डोली में संचालित कृषि केंद्र में व्यापारियों के द्वारा धान बिक्री किया जा रहा है
मध्यप्रदेश शासन यूव तो बड़ी बड़ी बात करती है किंतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा दलालों के ऊपर कोई अंकुश नहीं लगाया गया जो
क्या मध्यप्रदेश शासन किसानों और मंडियों के बीच में विवाद उत्पन्न करवाना चाहती
आज चाय किसान हरियाणा का हो उत्तर प्रदेश का हो पंजाब का हो या मध्य प्रदेश का हो अपनी उपत के अनुसार धान का समर्थन मूल्य नहीं ले पा रहा है इका कारण यह है कि दलालों के द्वारा किसानों से दलाली करके
चाहे देश में कांग्रेस की सरकार हो या बीजेपी की सरकार हो सभी नेता आपने चुंगल में अधिकारियों को फंसा कर नेतागिरी करते हैं राजनीति करते हैं जनता भावुक है जनता अगर एकजुट हो जाए तो देश क्या प्रदेश सुधर जाएगा
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट


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