रेवांचल टाइम्स -कितनी विचित्र है संसार की रचना और उससे भी हैरान करने वाला समय का चक्र 'जो अपनी द्रुतगति से गतिमान है प्रकृति का एक अद्भुत सिद्धांत इस संसार में कार्य कर रहा है यह सिद्धांत है दो विपरीत तत्वों का आकर्षण और फिर जीवन में उसके समावेश का जिस तरह दिन के बाद रात और रात के बाद पुनःसवेरा वैसे ही यह सदा चलता रहता है वर्ष 2020 का आगमन भी 31 दिसंबर 2019 की मध्य रात्रि के पश्चात हुआ और फिर 31 दिसंबर 2020 की मध्यरात्रि के बाद एक पल का भी समय इस वर्ष के पास ना रहेगा और यह इतिहास के साए में समा जाएगा जाते जाते यह दे जाएगा कुछ खट्टी कुछ मीठी और कुछ कड़वी यादें महज दो-तीन महीने को ही छोड़कर पूरा वर्ष ही 2020 का समय संकट के दौर से गुजरा शिक्षा स्वास्थ 'अर्थव्यवस्था सामाजिक 'राजनीतिक और धार्मिक जीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया किंतु आपातकाल में भी साहस और संभल का दामन थाम कर चलना सिखाया जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता भोजन वस्त्र और आशियाना की महत्ता बता गया यूं तो हर पल हर क्षण हर दिन महीने और साल ऐसे ही गुजरते जाएंगे संसार में जीवन की यात्रा भी इसी तर्ज पर गुजरती जाएगी अत एव हम सभी नई उमंग ' नई आस नए उद्देश्य नए सपने लेकर नए वर्ष का स्वागत करें सभी स्वस्थ रहें ,सभी निरोग रहे ' सब का भविष्य उज्जवल हो इन्हीं उद्देश्यों के साथ मंगलकामनाएं प्रेषित करें
रेवांचल टाइम्स -मवई से मदन चक्रवर्ती |

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