सोशल मीडिया में जनचर्चा का विषय बना - मनरेगा में कम मजदूरी से भी कम भुगतान दिया जाने का
रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत विकास खण्ड मवई का जहां केंद्र सरकार की योजना मनरेगा में ग्राम पंचायतों के द्वारा खुलके नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है वही इंद्रेश संकेत समाजिक कार्यकर्ता ने ये मामला उठाया हैं कि
इन ग्राम पंचायतों के भृत्य व चौकीदारों को वेतन मवई- जनपद पंचायत मवई के अंतर्गत बहुत से ऐसे पंचायते हैं, जो कि कार्यालय खर्चे के नाम पर मनमानी राशि निकाल कर खर्च कर लेते हैं, मगर जब इनके अधीनस्थ कर्मचारियों के मानदेय भुगतान का है,तो उन्हें आज भी ₹1000 से लेकर ₹5000 तक मे ही काम कराया जा रहा,जो कि बहुत कम हैं, ग्राम पंचायत सकवाह में 1000 तो समनापुर 1500 ग्राम पंचायत बसनी में 3000 और वही मुख्यालय मवई के ग्राम पंचायत में ₹ 5000 भुगतान किया जा रहा है, जो कि वेतन विसगंती है, ये किस मद से भुगतान किया जाता हैं। इसका उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए और श्रम अधिनियम के तहत सम्मान जनक सभी को सामान्य एक जैसा मानदेय देना चाहिये।



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