महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की जबरदस्त फटकार - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Sunday, November 8, 2020

महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की जबरदस्त फटकार


रेवांचल टाइम्स - रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी से जुड़े एक केस में आज शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। विशेषाधिकार नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की वजह से 13 अक्टूबर को अर्नब गोस्वामी को लेटर लिखने और डराने को लेकर सर्वोच्च अदालत ने महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव को अवमानना को नोटिस जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में गोस्वामी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।


सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी केस में उद्धव सरकार व विधानसभा अध्यक्ष को जबरदस्त फटकार लगाते हुए कहा है कि अर्नब गोस्वामी को जिस तरह से राज्य प्रताड़ित कर रही है , जिस तरह से गिरफ्तार किया गया यह , बहुत गंभीर मामला है । कोर्ट ने साफ कहा "आप अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार नहीं कर सकते "। 


कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव को भी नोटिस किया और कहा कि मुझे यानी सुप्रीम कोर्ट को नहीं लगता कि अर्णब गोस्वामी को महाराष्ट्र में न्याय मिलेगा । इसलिए उन्होंने एक बहुत सीनियर वकील अरविंद दातार को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है जो अरनव गोस्वामी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट को हर एक रिपोर्ट देंगे ।


महाराष्ट्र सरकार के वकील कपिल सिब्बल को बेहद कड़ी फटकार लगाते हुए कोर्ट ने उनकी बोलती बंद कर दी।  सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि "आपने किस आधार पर अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया है? वह आधार हमें बताइए । वह सबूत हमें बताइए ।"  तब कपिल सिब्बल बगले झांकने लगे और उनके के मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला।


सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा "आपने अरनव गोस्वामी को गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं दी। आप 200 पुलिस वालों को लेकर सुबह 6:00 बजे उसके घर पर गए। उनके नाबालिग बच्चों,  बूढ़ी मां और पत्नी के सामने आपने जिस तरह से लात मारकर दरवाजा खोला , अर्नब  को बेल्ट से पकड़ा , वह यह साफ दिखाता है कि आप एक विद्वेषपूर्ण भावना से लोगों को डराना चाहते हैं ।"


सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी हदों में रहकर काम करें सुप्रीम कोर्ट किसी भी व्यक्ति के मूलभूत अधिकार का हनन नहीं होने देगा । 


कपिल सिब्बल ने तो पहले यह दलील दी कि "मामला हाई कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों दाखिल की?"


 तब अरनव गोस्वामी के वकील हरीश साल्वे ने पलटकर सिर्फ इतना कहा कि "अगर यह बात है तो आप इतना बता दो कि सुप्रीम कोर्ट क्यों है ?" इतना सुनते ही सिब्बल चुप हो गए।


 तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा "किसी भी व्यक्ति का कभी भी सुप्रीम कोर्ट आना एक मूलभूत अधिकार है । और जिस तरह से आप एक के बाद एक अर्नब पर केस लगाते जा रहे हैं , उसके परिवार पर और नाबालिग बच्चों को पर केस लगाते जा रहे हैं , ऐसे में सुप्रीम कोर्ट चुप नहीं रहेगा।"


महाराष्ट्र और उद्धव सरकार की आज सुप्रीम कोर्ट में हुई जबरदस्त फजीहत से केंद्र के सारे विपक्षी दल सकते में आ गए है। सबको पता है अब अर्नब घायल शेर की तरह उनके काले कारनामे और उजागर करेगा । महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार का राजनीतिक अवसान नजदीक है।


अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment