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Friday, November 20, 2020

जागो नेता जागो , जनता है नाराज ,जिले में नहीं हो रहा कोई विकास कार्य

 


रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में विकास की गति को आगे बढ़ाने में कोई खास रूचि नहीं ली जा रही है। यही वजह है कि इस जिले में विकासकार्य तेजी के साथ आगे नहीं बढ़ पा रहा है। लगभग सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि विकासकार्यों में पर्याप्त रूचि क्यों नहीं ले रहे हैं, इस बात का आकलन अब इस जिले की जनता करने लगी है। और इस संबंध में चहुंओर चर्चा हो रही है कि जनप्रतिनिधि विकास की मुख्य धारा से इस जिले को जोडने के लिए कोई खास प्रयास नहीं कर रहे हैं खासकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि विकास के लिए क्या क्या कर रहे हैं किसी को ज्ञात नहीं हो पा रहा है। नागरिकों का कहना है कि जो कुछ भी इनके द्वारा किया गया है व किया जा रहा है उसे सार्वजनिक करना चाहिए ताकि पता चल सके कि कौन जनप्रतिनिधि विकास के मुद्दों पर सजग होकर इस जिले में विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायक हो रहा है। चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य सहित तमाम प्रतिनिधि जो मतदाताओं के माध्यम से चुनकर जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं वे सभी जनहित के काम कितना कर पा रहे हैं यह चर्चा के साथ जांच का भी विषय हो गया है। नागरिक इस विषय पर अब जांच पड़ताल की मांग भी कर रहे हैं कि आखिरकार इनके द्वारा विकास के लिए क्या क्या किया गया है। ज्ञात हो कि इस जिले में एक सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते जो केन्द्रीय मंत्री भी है, वे लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी सांसद संपतिया उइके राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रही है। वहीं मण्डला जिले से तीन विधायक देवीसिंह सैयाम, अशोक मर्सकोले, तथा नारायण सिंह पट्टा विधानसभा में जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनके द्वारा जिले में छोटी बड़ी समस्याओं के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं यह जानने का विषय हो गया है। बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है, इसे दूर करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। उद्योग जो जहां थे, वहीं स्थिर हो गए हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरे जिले में काम नहीं किये जा रहे हैं। उद्योग यदि संचालित हो भी रहे हैं तो इसका फायदा मंडला जिले के बेरोजगारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि मनेरी में संचालित उद्योगों में जबलपुर जिले के लोगों को थोड़ी बहुत काम मिल पा रहा है। पर्यटन विकास में इनका कोई ध्यान नहीं है

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