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Wednesday, November 4, 2020

जिला पंचायत सीईओ ने की ग्रामीण विकास योजना की प्रगति की समीक्षा




रेवांचल टाइम्स जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती आर उमा महेश्वरी ने गत दिवस को जिले की सभी 10 जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक लेकर ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, योजनाओं के प्रभारी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सहायक यंत्री, ए.पी.ओ.,ए.ए.ओ., परियोजना अधिकारी, एवं बी.पी.ओ. जनपद पंचायत समस्त उपस्थित थे।


     मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती महेश्वरी ने बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के कार्य समय सीमा के अनुसार पूर्ण किये जाये। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये और मनरेगा के कार्यों में मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। मनरेगा के कार्यों में मजदूरी का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए।


     बैठक में 15 वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया गया कि 15 वें वित्त आयोग योजनांतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों को पीफएमएस में आनबोर्ड एन्ट्री होना अनिवार्य किया गया है, अत: जिन ग्राम पंचायतों का पीफएमएस में आनबोर्ड एन्ट्री शत प्रतिशत हो गया है, उन्हें जीपीडीपी में में 15 वें वित्त के कार्य चालू करायें।  विकासखण्ड बिरसा में ग्राम पंचायत छपला एवं सिंघनपुरी एवं विकासखण्ड लांजीं अंतर्गत ग्राम पंचायत कटंगी एवं सिहारी में डीएससी की समस्या होना बताया गया । जिसे जिला स्तर पर सुधार कराने के निर्देश दिये। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रतिदिन जीपीडीपी के आधार पर प्रगति लाना सुनिश्चित करें । 14 वां वित्त आयोग योजना की राषि का 50 प्रतिशत से कम व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों को व्यय का प्रतिशत बढ़ाने कहा गया।  


     बैठक में मनरेगा के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जनपद पंचायतों में लेबर बजट लक्ष्य के विरूद्ध शत प्रतिशत उपलब्धि होना अनिवार्य है । श्रमिक नियोजन उपयंत्रीवार, सेक्टरवार प्रति जनपद पंचायत एवं प्रति ग्राम पंचायत निर्धारित किया जाकर कार्यो के चयन, पूर्व स्वीकृति आदि आगामी समीक्षा बैठक के पूर्व पूर्ण करने कहा गया। प्रति दिन जनपद पंचायत क्षेत्रांतर्गत कोई भी ग्राम पंचायतों में शून्य लेबर की स्थिति निर्मित नहीं होने के निर्देश दिये गये।


     बैठक में मनरेगा योजनांतर्गत जलाभिषेक अभियान में चयनित कार्यो को प्राथमिकता से लेने और प्रगतिरत कार्यो में से 75 से 99 प्रतिशत व्यय हो चुके कार्यो को तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये। शासन स्तर से मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु पूर्व में स्वीकृत लेबर बजट को पुनरीक्षित करते हुए मासिक लक्ष्यों (माह दिसम्बर 2020 तक) का पुनः निर्धारण करते हुए जिले को प्राप्त हुआ है, जिसका समीक्षा बैठक के दौरान जनपद पंचायत में कुल सक्रिय श्रमिकों के अनुपात में लक्ष्य आवंटित किया गया है। जिसे माह दिसम्बर तक लक्ष्य हासिल करने हेतु ग्राम पंचायतवार विभाजित कर श्रमिकों को कार्यो पर नियोजित केरने के निर्देश सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्रियों को दिये गये।


     बैठक में निर्देशित किया गया कि नवीन गौशला निर्माण स्थल का चयन कर, प्रत्येक जनपदवार 2-2 प्रस्ताव 02 दिवस के भीतर जिला पंचायत को भेजे । गौशाला के चयन में विशेष ध्यान रखा जाये कि चारागाह स्थल साथ में हो। वे उपयंत्री जिनकी लेबर बजट में प्रगति 90 प्रतिशत से कम होने के उपरांत भी समीक्षा बैठक में अनुपस्थित थे, उनका वेतन अवैतनिक करने के निर्देश दिये गये। मनरेगा एमआईएस में प्रदर्शित एक वर्ष, 02 वर्ष एवं 03 वर्षो से शून्य व्यय कार्यो का जनपद पंचायत स्तर पर संकलन कर कार्य समीक्षा कर कार्य प्रारंभ करने या बन्द कराने कहा गया। आर.6-19 में प्रदर्शित 75 से 100 प्रतिशत व्यय वाले कार्यो को यथाशीघ्र पूर्ण किये जावने एवं स्वीकृत राशि सीमा से अधिक व्यय हो चुके कार्यो पर तत्काल सी.सी. जारी कर एमआईएस जारी किये जाने के निर्देश दिये गये।


     बैठक में मनरेगा के ऐसे कार्य जिनमे वसूली किया जाना प्रस्तावित है उसकी वसूली की नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कराने कहा गया।समय-सीमा में मजदूरी भुगतान नहीं कराने वाले संबंधित सहायक लेखाधिकारी जनपद पंचायत के विरूद्ध अनुषानात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई।                     सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं सहायक यंत्रियों को निर्देशित किया गया कि मनरेगा अंतर्गत कैप निर्माण विवादित स्थल को छोड़कर शेष सभी कार्य 15 नवंबर 2020 के पूर्व पूर्ण किया जावे ।


     बैठक में मध्यांन्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत किचन शेड के जो कार्य अपूर्ण है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कर सी.सी. जारी करने के निर्देश दिये गये। सी.एम. हेल्पलाईन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं बीपीओ को निर्देशित किया गया कि सीएम हेल्पलाईन की शिकायतें प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, अत: एल-1, एल-2 स्तर की शिकायतों का निराकरण शीघ्र किया जाये। भुगतान से संबंधित शिकायतों पर संबंधित शिकायतकर्ता से बात कर संतुष्टिपूर्ण निराकरण कराने के निर्देश दिये गये। 100 से 500 दिवस की शिकायते ज्यादा दिन तक लंबित नहीं होना चाहिए उनका शीघ्र निराकरण कराने कहा गया । सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जो जवाब फिड किया जाना है उसका जवाब समाधानकारक होना चाहिए।



रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट

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