रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के अंतर्गत आने वाला विकास खण्ड मेंहदवानी के ग्राम पंचायत सारसडोली में विगत वर्षों से जितने भी जनप्रतिनिधि आये और गये, साथ में कर्मचारी वर्ग लेकिन इस ग्राम पंचायत का उद्धार पूर्ण रुप से नहीं कर पाए- वही सरकार की अनेक योजनाएं का क्रियान्वयन सही तरीके से नही हो पा रहा है वही ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के साथ साथ पंच मेंबर्स भी शासकीय राशि का धड़ल्ले दुरूपयोग कर रहे है मनमर्जी का काम किया जा रहा वही स्थानीय लोगो की शिकायतों के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जाती है बल्कि शासन की जन हितैषी योजनाओं में कागज़ी खानापूर्ति करते उन्हें बन्द किया जाता है वही जाँच एजेन्सी भी इनके जाँच के नाम पर अच्छी खासी रकम लेकर शिकायत को बंद बस्ते में डाल देते है।
वही शिक्षा के क्षेत्र में जहां 6 शिक्षक होना चाहिए वहां 2-3 ही कार्यरत नजर आते हैं। ऐसे में क्या बच्चों को शिक्षा दे पायेंगे। क्या बच्चों की भविष्य बना पायेंगे। अगर इसी तरह से चलता रहा तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो सकता हैं।
ग्राम के अंदर गलियों के आस-पास कचरों का ढेर लगा रहता है एवं गलियों में पानी से और गंदगी से बजबजा रही हैं। जिसके कारण अधिक से अधिक संख्या में मच्छर उत्पन्न हो रहे हैं। जिसके चलते उल्टी,दस्त एवं मलेरिया होने की सम्भावना जताई जा रही है। जिसके विषय में किसी जनप्रतिनिधि को कोई ख्याल नहीं है।
प्रकाश की अव्यावशस्था-यहां आए दिन 3-4 घंटे कभी कभार रहती है और न ही स्टृट लाइट है,लोग अपनी अंधेरे में जिंदगी जी रहे हैं।
स्वास्थ्य में तो शासन की योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पाता। यहां तक कि लोग मंडला, जबलपुर या फिर नागपुर जाकर अपना इलाज करवाते हैं।
ग्राम के बेसहारा गरीबों को आवास जैसे आदि योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है।जिनका मकान है उनको आवास दिया जाता है। और जो गरीब हैं, बेसहारा हैं उनको और गरीब बनाया जा रहा है।
अतः शासन और जनप्रतिनिधि इस ग्राम पंचायत का उद्धार करें जिससे गरीब लोगों को शासन द्वारा दी गई सुविधाओं का लाभ मिल सके।यदि ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शासन में बैठे लोगों का फट्टा साफ होना तय है।
रेवांचल टाईम्स से शिवरतन कछवाहा मेंहदवानी

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