नरवाई जलाने पर न हो कार्यवाही को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने एस डी एम को सौपा ज्ञापन - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Monday, November 2, 2020

नरवाई जलाने पर न हो कार्यवाही को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने एस डी एम को सौपा ज्ञापन



रेवांचल टाइम्स जिले में नरवाई जलाने को लेकर आज मंडला जिले के नैनपुर-  प्रशासन द्वारा जिले में नरवाई जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है और नरवाई जलाने वाले किसानों पर कार्यवाही भी की जा रही है क्योकि नरवाई जलाने से होने वाले अग्निकांड अनेको पर ग्रामीण क्षेत्रो में हो चुके है जिससे जान एवं माल के नुकसान की घटनाएं भी सामने आती है आग की लपटों से सैकड़ो हरे भरे पेड़ पौधे भी जल जाते है एवं कई बार बेजुबान जानवरो की मौते भी हो जाती है  प्रशासन के इस कड़े रुख से किसानों में अब आक्रोश सा दिखता नजर आ रहा  है किसानों का कहना है कि अगर हम पराली न जलाए तो रबी की फसल की बोनी नहीं हो सकती जिससे हमें मजबुरन पराली जलानी पड़ती है और जलाने पर  किसानों  पर कार्यवाही की जाती है वही इन सब मुद्दों को लेकर दिन सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के द्वारा स्थानीय प्रशासन एसडीएम महोदय के समक्ष इकट्ठे होकर ज्ञापन सौंपा गया और ज्ञापन के माध्यम से किसानों द्वारा  यह बताया गया कि हमें नरवाई जलाने की छूट प्रदान की जाए जिससे हमारी रवि की फसल की बोनी हो सके ओर हम अपना ओर अपने परिवार का जीवन यापन कर सके क्योकि हम किसानो का एक मात्र सहारा खेती ही है

1 comment:

  1. जायज मांग ही नहीं किसानो का हक है अपने खेत को स्वच्छ डंठल रहित करके बोनी करना.
    शासन डामरीकरण बंद कर दे, होटलों मे डीजल मिट्टी तेल की भट्टी प्रतिबंधित करे.
    डीजल वाहन पूर्णतः बंद करे, इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग मे लाये जाये,
    सरकारी कर्मचारी एवं अन्य लोग चार चके वाहनों का उपयोग नहीं करे.
    अगर किसानो की उपज प्रभावित होंगी तो लोग भूखे मरेंगे.
    पैसे से अनाज नहीं उगाया जाएगा.
    सरकार कुछ जमीनों की पराली इकट्ठी कराये एवं उसका खर्च हिसाब रखे, फिर उपज ले, आय व्यय का ब्यौरा रख कर कितने % फायदा या नुकसान हुआ प्रेक्टिकली देंखे फिर कोई आदेश देना चाहिए.

    ReplyDelete