रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी के अंतर्गत मेंहदवानी ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। और गरीबो की जान से खिलवाड़ करते नज़र आ रहे है पर इस इन गरीबो की जान की चिंता विभाग बिल्कुल भी नही है या फिर जिला प्रशासन कोई बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा जब इन झोलाछाप डॉक्टर से किसी गरीब का परिवार बर्बाद हो जाएगा ये झोलाछाप डॉ गाँव गाँव अपने पैर पसार रहे है और स्वास्थ्य विभाग को इनकी जानकारी भी नही रहती है वहीं इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग मेंहदवानी गंभीर नहीं है। झोलाछाप डॉक्टर की जांच की जाए तो मेहदवानी कड़ोतिया, सारसडोली अन्य ग्रामो में ये झोलाछाप डॉ बिना डिग्री के एलोपैथी से बे रोकटोक इंजेक्शन के साथ साथ गुलुकोश कि बॉटल चढ़ाई जा रही जा है वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आसपास के आदिवासी गांवों में डॉ प्रशांत कुमार तिवारी के द्वारा लोगो के घर घर जाकर ईलाज किया जा रहा है वही ग्रामीण ने अपना नाम न छापने को लेकर बताया की डॉ तिवारी के द्वारा जो मोटरसाइकिल का उपयोग कर रहा है जिसका उनके पास कागजात भी नही है इसका नंबर MH 31 BR 5779 है। वही आये दिन ईलाज के पैसों से शराब के नशे में जाकर इलाज करते नजर आ रहे है। स्वास्थ्य विभाग ने छूट दे रखी है ।जिसके कारण मरीजों की जान से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है वही ग्रामीणों ने आरोप लगाए है कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। मरीजों से मोटी फीस वसूली जा रही है। यहां तक कि डॉ प्रशांत कुमार तिवारी के साथ साथ पत्नी कृष्णा उरैती भी गंभीर बीमारियों का इलाज करती हैं। वही लोगो की स्वास्थ्य से खिलवाड़ खुलेआम धड़ल्ले किया जा रहा है। अवैध रूप से संबंधित जिले के काम कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों की जांच जिला प्रशासन और स्वास्थ्य कब करेगा या फिर किसी बड़ी दुर्घटना होने का इंतजार करेगा देखना बाकी है।
Tuesday, November 3, 2020
झोलाछाप डॉक्टर कर रहे हैं धड़ल्ले से इलाज जांच की मांग
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Revanchal Times Weekly News Paper

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