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Monday, November 16, 2020

कहो तो कह दूँ - अफसरों क़ी पोस्टिंग तो हमेशा 'जुगाड़' से ही होती आई है 'मामाजी'


रेवांचल टाइम्स - लो भैया अपने 'मामाजी' यानी  प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह ने घोषणा कर दी है कि अब से किसी भी अफसर की यदि फील्ड में  पोस्टिंग की जायगी तो वो उसके 'परफॉर्मेंस' के हिसाब से ही होगी, जो अफसर  'लल्लू पंजू' टाइप से काम करते आये है और फिसड्डी हैं  वे भूल जाए कि उन्हें फील्ड में पोस्टिंग मिल पायेगीl है तो बड़े कमाल  की बात, मामाजी  पिछले पंद्रह साल से  इसी  प्रदेश में बतौर  मुख्यमंत्री राज कर रहे थे ऐसी घोषणा इसके पहले तो कभी की नहीं उन्होंने  फिर अचानक  ऐसा 'बुद्धज्ञान'  कैसे  आ गया कि अच्छे अफसरों की  पोस्टिंग ही फील्ड में करनी चाहिएl अपनी  मोटी बुद्धि  को  तो ये  समझ  में आया कि इसका  मतलब है कि अभी तक फील्ड में जिन अफसरों की पोस्टिंग होती थी वो  'परफॉर्मेंस'  के हिसाब से नहीं बल्कि  उनकी  'पोलिटिकल अप्रोच' और बड़े नेताओ से  'जुगाड़'  के आधार पर होती थी, वैसे ये तो पुरानी परिपाटी  है, हर सरकार और उसका मुखिया अपने खास लोगों को 'की' पोस्ट पर  बैठाता है  सरकार किसी की भी क्यों न हो जो अफसर नेताओं  के जितने करीब होता है उनकी हर बात को आँख मूंदकर  सही ठहरा देता हो उसकी  पोस्टिंग तो फील्ड में होती आई है, जो अफसर उस इलाके के विधायक  मंत्री की नहीं सुनता वो एक ही झटके में 'लूप लाइन' में भेज दिया जाता है यही कारण है कि  हर अफसर अपने अपने इलाके के दमदार नेताओ के करीब रहना चाहता है और 'जनता' जिसके लिए उसे पोस्टिंग दी जाती है वो  जाए भाड़ में उसकी चमड़ी पर कोई असर नहीं  होता,  अपने  नेताजी  खुश रहे उसका उद्देश्य बस एक मात्र यही रहता हैl जो अफसर नेताओ की चमचागिरी नहीं कर  पाता  नियम कानून से चलता है उसकी फील्ड की पोस्टिंग की उम्र बहुत कम होती है 'अल्पायु' में ही  उसे  फील्ड की पोस्टिंग  से रुखसत होकर लूप लाईन के लिए अपना बोरिया बिस्तर तैयार कर लेना पड़ता हैl मुख्यमंत्री जी  ने घोषणा तो कर दी है कि परफॉर्मेंस  के हिसाब से पोस्टिंग दी  जाएगी पर अपने को  भी मालूम है कि यदि परफॉर्मेंस के हिसाब से पोस्टिंग दी जाने लगी  तो पूरे प्रदेश के राजनेताओं में 'हाहाकार' मच जाएगा, किसी के काम नहीं होंगे  अफसर  न तो मंत्रियों के गलत कामों को तबज्जो देंगे न विधायकों के फोन  अटेंड करेंगे  ऐसे में कौन सा राजनेता चाहेगा कि पोस्टिंग परफॉर्मेन्स के हिसाब से हो जब एक थानेदार की पोस्टिंग के लिए इलाके के विधायक से पूछा  जाता है और जब तक उसकी एनओसी नहीं मिल जाती  जाती नेताजी  से तब तक  पोस्टिंग  नहीं  हो पाती, अब वो समय चला गया जब ईमानदार और नियम कानून से  चलने  वालों की 'बखत' हुआ करती थी  अब तो अधिकतर अफसरों की 'रीढ़ की हड्डी' ही गायब हो गयी है उनका एक ही उद्देश्य है कि सत्ता में बैठे नेताओ को पटाओ अपनी पोस्टिंग 'मलाईदार' डिपार्टमेंट में या फील्ड में करवाओ खुद भी कमाओ और अपने आकाओ को भी कमा कर दो, जनता का क्या है वो तो होती ही है 'अलसेट' खाने के लिए  सो खाती रहेगी, मामाजी भले ही आप मुख्यमंत्री हो पर आपसे ज्यादा  जुगाड़ इन अफसरों का  होता  है दिल्ली से एक फोन आ जायेगा तो आपको  सबसे फिसड्डी और  'लल्लू पंजू'  अफसर को भी सबसे  मलाईदार पोस्टिंग देनी ही पड़ेगी,  ज्यादा  सुधार करने के चक्कर  में  न कहो आपको  ही फील्ड की पोस्टिंग से हटाकर लूप लाइन में  भेज दे आपकी पार्टी l


 ओबामा और राहुल 


अमेरिका के पूर्व  राष्ट्रपति  बराक ओबामा ने अपनी आत्मकथा लिखी और उसमें अपने 'राहुल भैया' यानि राहुल गांधी के  बारे  में भी कुछ लिख दिया जिसको लेकर बीजेपी वाले भारी  मजे ले रहे है और कांग्रेस वालो का गुस्सा सातवें   आसमान पर है,   ओबामा जी ने राहुल गांधी के बारे में लिख दिया कि वे एक 'नर्वस' और 'कम योग्यतावाले' नेता है उनमें किसी  विषय में महारत हासिल  करने  का जूनून नहीं है जो मीमांसा बराक ओबामा ने की है राहुल गाँधी के बारे में उसको देखकर तो यही लगता है कि बराक ओबामा राहुल गांधी के 'लंगोटिया यार' रहे होंगे, बचपन से लेकर जवानी तक दोनों एक दूसरे के साथ 'खेले कूदे'  'पढ़े लिखे' होंगे क्योंकि  इतनी गहराई से तो वो ही व्यक्ति दूसरे के बारे में जान सकता है जो बरसों उसके  साथ  रहा हो अब इसक बारे में खोज करना  जरूरी  हो गया है कि  ओबामा  और राहुल गाँधी का क्या कनेक्शन है  वैसे एक बात हम भी बतलाये देते है  ओबामा जी सारा खेल किस्मत और मुकद्दर का होता है कौन कब राजा बन जाए और कौन कब  रंक  ये कोई नहीं जानता और फिर लिखने पढ़ने में  तो कोई रोक है नंही,  कल के दिन राहुल गांधी भी अपनी आत्मकथा में आपके बारे में लिख सकते हैं कि  ओबामा अमेरिका से सबसे 'कमजोर' 'असफल' 'फैल्योर' 'अलोकप्रिय' राष्ट्रपति रहे हैं तब आप  क्या कर लोगे वैसे  आपने कुछ किया हो या न किया हो बीजेपी वालों को अच्छा  खासा  मसाला दे दिया है ख़ास तौर पर संबित पात्रा को l 


सुपर हिट ऑफ़ द वीक 


'पत्नी और सूर्य में क्या समानता है' किसी ने श्रीमान जी से पूछा 


'आप दोनों को घूर कर नहीं देख सकते' श्रीमान जी का जवाब था

                                         चैतन्य भट्ट

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