रेवांचल टाइम्स - पूरे जिले में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है रात हो या दिन बस रेत का अबैध परिवहन कर उसे 3 से 4 गुना ज्यादा मूल्य में बेचकर ज्यादा से ज्यादा फायदा कमा रहे हैं साथ ही सरकारी संपत्ति को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं वही खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना बैठा है और खुलेआम धड़ल्ले से बंजर, सुरपन,बुडनेर नदी और नालो से बिना रायल्टी के रेत निकाल कर परिवहन किया जा रहा है जिससे शासन को लाखों करोड़ो का नुकसान हो रहा है वही जिला प्रशासन और खनिज विभाग से कोई रॉयल्टी जारी भी नही की है आपको बता दें कि विकासखंड मंडला, घुघरी मोहगांव बिछिया के अनेक जगहों से अवैध रेत उत्तखन्न अपनी चरम सीमा पर है और रेत माफियाओ के द्वारा बुढनेर सुरपन बंजर नदी से अवैध तरीके से रेत की चोरी तो कर ही रहे है, वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार खनिज विभाग तो को सब पता है ही और अब हप्ता लेने में पुलिस विभाग भी पीछे नही वही नाम न छापने की शर्त में यह भी बताया गया कि हिरदेनगर चौकी बम्हनी थाना अंजनिया चौकी और घुघरी, मोहगांव,बिछिया इन सभी थानों में पदस्त अधिकारी कर्मचारियों को पता रहता है कि किसके पास कितनी गाड़िया है और कब कब नदी नालों से रेत का उत्तखन्न करते हुए परिवहन करते है क्योंकि सभी रेत का अवैध उत्खनन करने वाले ट्रेक्टर हो या ट्रक, 407 हो सभी को पास के थानों चौकियों में पहले हाजिरी देने जाते है और हर गाड़ी का रेट भी तय है इस कारण से ही जिले में अवैध कारोबारी के हौसले बुलंद है।
वही अब रेत माफियाओं के द्वारा तो वन विभाग की नदी नालों से भी रेत का अबैध उत्खनन करने में लगे हुए है वही वन विभाग भी कार्यवाही के नाम मे केवल खाना पूर्ति करते नजर आ रही है और जिला प्रशासन में बैठे कुछ जिम्मेदार और खनिज विभाग के आला अधिकारी या कहे पुलिस विभाग के जिम्मेदार सब को इस समय रेत माफियाओ से केवल अपना अपना हिस्सा बटोरने में लगे हुए है।
शायद इसलिये ही रेत माफियाओ के हौसले बुलंद है जब वो कहाबत भी सच ही लग रही है कि जब सईया भये कोतवाल तो डर काहे का ये कहावत इस समय इन अवैध रेत माफियाओ पर सही बैठ रही क्योंकि इन माफियाओं से न तो राजस्व भूमि की रेत हो चाहे वन भूमि की रेत हो सब इन्हें अपनी ही नजर आती है और जिम्मेदारो को ऊपर की कमाई शायद यही कारण है। जो इन रेत माफियाओ कोई नही रोक नही पा रहे है और चोरी की रेत उत्खनन कर दोगुने दामों में बेचा जा रहा है।
वही रेत के इस अबैध कारोबार में जो गाड़िया लिप्त है ओर जो गाड़ियां रात दिन दौड़ रही है उनमें से आधे से ज्यादा गाड़ियों में तो नंबर ही नही है ये गाड़िया बिना नम्बर पैलेट के गाड़िया दौड़ रही है पर किसी को देखने की फुर्सत तक नही है वही इन अबैध परिवहन करने वाली गाड़ियों से दुर्घटना होने की सम्भावना बनी रहती है।


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