रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य विकास खंड मवई के शासकीय हाई स्कूल मेढा विकासखंड मवई में पदस्थ मंगल सिंह पंद्रे पी.टी.आई. एवं प्रभारी प्राचार्य के द्वारा गबन करने के आरोप ग्रामीणों ने लगाए गए है। मंगल सिंह पन्द्रे पी टी आई और प्राचार्य के पद में रहते हुए पद का दुरूपयोग करते हुए अनेक फर्जी बिल बनाकर लागाते हुए गबन सबधी अनिमितताओं के लेकर गम्भीर आरोप लगाते हुए जाँच की माँग की है।
वही पंद्रे द्वारा वर्ष 2010 -11 कि शासन द्वारा पैदा की गई 15 निशुल्क साइकिल मेढा निवासी रहमान खान कव्वाडी (क्रेता) के पास अवैध रूप से बेचा गया है वही रहमान से प्रमाण के रूप में शंकर जाति अंगरिया ग्राम मेढा तथा मोहन दास जाति पनिका ग्रामीणों के द्वारा उक्त साइकिल को खरीदा गया।
गरीबी रेखा वाले नवमी दसवीं के बच्चों से आय प्रमाण पत्र के बहाने प्रत्येक बच्चे से 1000 रू 1000 लिया गया। आय प्रमाण पत्र जमा करने पर रुपया वापस कर दिया जाएगा किंतु बच्चों द्वारा आय प्रमाण पत्र जमा करने पर भी राशि वापस नहीं किया गया बल्कि आय प्रमाण पत्र नहीं चलेगा कह दिया गया।हाई स्कूल मेंढ़ा के एस. एम. डी. सी. के चार्ज में उनकी पत्नी रामेश्वरी पंद्रे एवं मंगल पंद्रे दोनों 2012 से हैं। फर्जी बिल बनवा कर एस.एम.डी.सी. की राशि का गमन किया गया है।
खुर्सीपार मवई पटवारी हल्का नंबर 103 खसरा नंबर 146 में लगभग 25 लाख का मकान निर्माण अभी-अभी किया गया है यह मकान की अनुमति विभाग से नहीं ली गई है लौटने की अनुमति भी नहीं है नक्शा भी अनुमोदित एवं स्टीमेट नहीं बनवाया गया है।
लगभग 5 लाख की गाड़ी की भी विभाग से अनुमति नहीं है।
उनकी पत्नी रामेश्वरी पंद्रे नियम विरुद्ध मवई स्थित रमसा छात्रावास के चार्ज में हैं। लगभग 20 किलोमीटर से आप डाउन करती हैं। जबकि 5 किलोमीटर के अंदर पदस्थ शिक्षक को प्रभार में रहने का नियम है यह सब के लिए लोकल होने का धौष एवं स्थानीय राजनीति का उपयोग किया जाता है।
वही ग्रामीणों का कहना है कि अनेक बार शिकायते करते हो गए पर आज तक जाँच नही हुई हम लोग परेशान हो चुके अब तो जिला प्रशासन से हम लोग तो उम्मीद ही छोड़ चुके है कहाँ जाए किससे मिले जिस्से भृष्ट और भ्रष्टाचार की जांच हो सकें।
ग्रामीण मेढ़ा मवई


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