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Friday, November 20, 2020

पुलिसकर्मियों ने युवक का सिर फोड़ा, परिजन से की झूमाझट की


      


रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े तीन मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से प्रतिवेदन मांगा है।

      भोपाल शहर के हबीबगंज क्षेत्र में नूतन काॅलेज के पास कार गलत दिशा में निकालने पर दो पुलिसकर्मियों से एक परिवार का विवाद हो गया। पुलिसकर्मियों ने कार चालक युवक के साथ मारपीट कर उसका सिर फोड़ दिया। अनस खान हमीदिया रोड स्थित कबाड़खाने में रहते हैं। वह फर्नीचर का काम करते हैं। अनस का आरोप है कि बीते सोमवार रात पत्नी व परिजनों के साथ घूमने निकले थे। नूतन काॅलेज के पास गलत दिशा में कार निकालने पर दो पुलिसकर्मियों ने उनको रोक लिया और अभद्रता करने लगे। पुलिसकर्मियों ने मारपीट की और सिर में डंडा मार दिया। पत्नी को तमाचा भी मारा। सिर से खून निकलने पर दोनों पुलिसकर्मी भाग गये। अस्पताल पहुंचे, तो डाॅक्टरों ने उनके सिर में पांच टांके लगाये। बाद में वह अपने परिवार की महिलाओं के साथ हबीबगंज थाने पहुंचे, लेकिन थाने में दोनों पुलिसकर्मियों की शिकायत लेने को कोई तैयार नहीं था। आला अधिकारियों का कहना है कि मामला जानकारी में है, जल्द ही कडी कार्यवाही करेंगे। इस मामले में आयोग ने पुलिस उप महानिरीक्षक, भोपाल से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।


पुलिस अभिरक्षा में युवक की मौत होने पर हंगामा

      रीवा जिले के बिछिया थाने में पुलिस अभिरक्षा में एक युवक की मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने शिवपुरवा निवासी विश्वविदित कमलापति शुक्ला और भांजे जितेंद्र मिश्रा को अपहरण के मामले में पकड़ा था। इस दौरान कमलापति की तबीयत बिगड़ गई, तो उसे रीवा रेफर कर दिया, वहां उसे मृत घोषित कर दिया। इसपर परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस मामले में आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रीवा से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।


एक पखवाड़े बाद भी दुर्घटना मामले में कार्यवाही नहीं

      विदिशा जिले के सिरोंज रोड पर विगत 29 अक्टूबर को हुई दुर्घटना में पुलिस ने अभी तक नहीं किया आरोपियों को गिरफ्तार नाराज़ परिजन पहुंचे जिला कलेक्ट्रेट घायल मरीज़ को साथ में लेकर। एडिशनल एसपी को ज्ञापन दिया। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस द्वारा पैसे लिये गये हैं और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है, वहीं गंजबासौदा अस्पताल में भी पैसे मांगे जाने और दो हजार रूपये रिश्वत दिये जाने की बात कही। परिजनों ने बासौदा चिकित्सालय में पदस्थ कम्प्यूटर आॅपरेटर प्रजापति ने उनसे पांच हजार रूपये की मांग की गई। उन्होंने दो हज़ार रूपये दिये, तब जाकर घायल को विदिशा रेफर किया गया और अभी तक दुर्घटना में शामिल लोगों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई, परिजनों ने एएसपी से शीघ्र कार्यवाही के लिये ज्ञापन सौंपा है। इस मामले में बासौदा चिकित्सालय में पदस्थ कम्प्यूटर आॅपरेटर प्रजापति से बात की, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के पैसे लेने से साफ इनकार किया है और उनका कहना यह भी था कि वे उस दिन ड्यूटी पर ही नहीं थे, उनपर बेबुनियाद आरोप लगाये जा रहे हैं। इस मामले में आयोग ने पुलिस अधीक्षक, विदिशा से एक माह में प्रतिवेदन मांगा है।

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