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Friday, November 20, 2020

10 के 80 पाने की जद्दोजहद मैं लोग हो रहे हैं बर्वाद



रेवांचल टाईम्स - इन दिनों आदिवासी बाहुल्य जिले में चारों तरफ सट्टा - पट्टी का बाजार गरमाया हुआ है और भारी मकड़जाल, खुलेआम संचालित हो रहा है सट्टा बजार

       मण्ड़ला जिले के ग्रामीण अंचल हो या नगरीय निकाय सभी तरफ यहाँ पर एक लम्बे अरसे से गरीबों को लूटने और लखपति से करोड़ पति बनने की चारों तरफ जद्दोजहद दिखाई दे रहा है ।

    यहाँ पर 10 रूपये के 80 रूपये कमाने के चक्कर मैं लोग अपनी वर्षों की मेहतन की कमाई को बेपरवाह बर्वाद करते नजर आ रहे हैं। वही सूत्रों की माने तो इस पूरे कारोबार में पुलिस थानों की मदद से ही जगह जगह बेधड़क बेखौफ होकर खुलेआम सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। गाँव गाँव अपने गुर्गे के माध्यम से पान ठेलो , किराना दुकानों, चाय की दुकानों एवं बर्तनों की दुकानों मैं बैठकर यह अवैध सट्टा पट्टी के कारोबार को बढ़ाया जा रहा है और इसकी तमाम सम्पूर्ण जानकारी स्थानीय पुलिस विभाग को होने के बावजूद इस अवैध सट्टा पट्टी के कारोबार पर विराम नहीं लगाया जा रहा है। बीच बजार मैं जगह जगह खुलेआम संचालित सट्टा पट्टी से गरीब परिवार लगातार तबाह होते जा रहै है, वहीं खाईबाज करोड़ पति बन रहे हैं। बगैर लागत के इस अवैध कारोबार का मकड़ जाल जिले के पूरे क्षैत्रो मैं फैला हुआ है, गाँव - गाँव में सट्टा पट्टी के इस अवैध कारोबार मैं विराम  आज पर्यन्त तक कभी भी नहीं लगाया गया है। वही सट्टा से लोगो को लगातार लूट सको तो लूट की प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हुए जगह जगह सट्टा पट्टी काटने का ड़ीहा बनाया गया है । यहाँ पर ऐसा कोई भी गाँव बाकी नहीं है जहाँ पर सट्टा पट्टी काटने का अवैध कारोबार ना चलता हूँ । सभी स्थानों मैं बेपरवाह धड़ल्ले से पूरे दिन एवं रात्रि तक मैं सट्टा पट्टी काटी जा रही है । स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाज सेवियो के द्वारा यदा कदा इस अवैध सट्टा पट्टी कारोबार का विरोध भी किया जाता है किन्तु खाईबाजो की सेटिग एवं चमचमाते नोटों के चलते प्रबुद्ध नागरिकों का विरोध भी बेकार चला जाता है। गत दिनों नाम ना छापने की शर्त पर मीडिया को लोगों ने बताया है कि सट्टा पट्टी का यह अवैध कारोबार एक लम्बे अरसे से संचालित किया जा रहा है और इसके पीछे सफेद पोश धारि कुछेक राजनैतिक नेताओं का सट्टा पट्टी खाईबाजो को संरक्षण प्राप्त है इसी के चलते इनके खिलाफ पुलिस विभाग के द्वारा धड़ पकड़ नहीं की जाती है। और ज्यादा शिकायतें होने पर कभी कभार एकाद की सट्टा पट्टी जप्ती कर औपचारिकता निभा कर वाह वाही लूटी जाती है । यहाँ पर बड़े खाईबाजो के खिलाफ आज पर्यन्त कभी भी सट्टा पट्टी जप्ती नही की और न कोई कार्य वाही की गई है।  गत दिनों क्षैत्रीय प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक मण्ड़ला एवं जिला कलेक्टर मण्ड़ला से मुलाकात करके यहाँ पर एक लम्बे अरसे से संचालित सट्टा पट्टी के इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए लिखित मैं ज्ञापन सौंप कर  आविलम्ब सम्पूर्ण क्षैत्र मैं सट्टा पट्टी काटने के इस अवैध कारोबार को सख्ती के साथ रोकने की जन माँग किये है । 

    बहरहाल बहुत जल्द सट्टा पट्टी के इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए विशाल जनआंदोलन करने की रणनीति बनाई जा रही है। इस संम्बन्ध मैं गत दिनों मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं गृह मंत्री मध्यप्रदेश शासन भोपाल को लिखित मैं शिकायतें प्रेषित करके नैनपुर, चिरईड़ोगरी, बम्हनी, बिछिया निवास, एवं अन्य ग्रामीण अंचलों मैं संचालित सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार पर विराम लगाने की जन माँग की गई है ।

             वही सूत्रों की माने तो सट्टा खिलाने वालो ने तो खुलेआम खिलाने और लिखने के लिए थानों में महीने का दस हजार रुपए से लेकर पच्चीस हजार रुपये तक दिया जा रहा है जिससे उन पर कोई कार्यवाही न हो और अगर कही से शिकायतें होती भी है तो पहले ही सटोरियों को पता चल जाता है कि आज पुलिस सट्टा पर कार्यवाही करने वाली है तो वह पहले ही सतर्क हो जाते है और जब पुलिस की दबिश होती है तो उन सटोरियों के पास से कुछ नही मिलता है।


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