रेवांचल टाइम्स - बाइक चोरी आम बात हो गई है इसका नयाब तरीका भी शातिरो ने चुन लिया है नाबालिक को इस चोरी में उन की मदद लो जिस से कोई शक भी न करें पर इस मे यहाँ बताना यह जरूरी है की नाबालिक आदतन अपराधी नही होता न आदतन होता सिर्फ उसकी मां पिता की लापर वाही और गलत संगत होती है जिस को उस की उम्र का दोष मान कर समझाइश दी जा सकती है और थाने के सुरक्षा में भी उसे पूछ ताछ में दिया जा सकता है पर ये नही की आप साबित होने तक उस नाबालिक को सावर्जनिक स्थान पर चोर ठहराए अपराधी जैसा मासूम के साथ सुलुक करें और तो और उस मासूम को कुर्सी में दोनो हाथ पैर बांध दे एक नाबालिग को साबित होने के पहले चोर संबोधित कर के सार्वजानिक रूप से प्रदर्शित किया जाना उचित नहीं क्यों कि उससे उसका भविष्य भी खराब हो जाता है।और क़ानूनन आपको किसी भी नाबालिक को स्वयं सज़ा देने का अधिकार भी सविधान ने नही दिया एक ऐसा ही बड़ा सवाल एक राष्टीय राजनितिक पार्टी से जुड़े नेता और व्यापारी से है।वो मेरे साथ फेस बुक में है उनकी 2 बार मोटरसाइकिल चोरी हुई हम उन की मनोदशा समझ सकते है पर आप किसी नाबालिक को ऐसे केसे बांध सकते है। और चोर भी ठहराया दिया सावर्जनिक रूप से चोर बोल के ये तो सीधे सीधे उस 15 वर्ष के नाबालिक बच्चे के साथ उसके आने वाले कल से खिलवाड़ करना है। कल की मंडला की घटना बताई गई है जिस में सुदीप ब्रजपुरिया जी की मोटरसाइकिल 2 बार चोरी हुई हम न चोरी के पक्ष में है न बालक के।।बस जिस तरह का सुलूक किया उस के खिलाफ में है।सुदीप जी व्यापार भी करते है और राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े है। उन में इस नाबालिक की पिक फेस बुक में डाल के चोर लिखा वो ही शब्द की शब्दावली गलत है। कानून की नियमो के परिपालन में आप ये नही लिख सकते। कल सुदीप जी की मोटरसाइकिल चोरी हो गई आज इन ने फेस बुक में ये पोस्ट किया थाने से जानकारी लिये तो पता चला की कोई फुलवाड़ी निवासी हम को नाम पता है जांच में मामला है इस लिये नाम नही लिख रहे है ने इस बच्चे को 50 रूपये दे कर गाडी लाने को बोला था जब इस ने गाड़ी ला दिया तो उसने 50 रूपये भी दे दिया ये बालक 15 साल का है.... फूल वाड़ी लाल बहादुर शास्त्री वार्ड का है अभी मंडला कोतवाली में है और दूसरे को पुलिस लेने घर गई थी वो मिला नही है ।।फेस बुक का स्क्रीनप्ले यहाँ सेंड हो रहा है बकौल सुदीप जी को बोला तो वो बोले अपराधी है महज 15 साल के बच्चे को इतनी बेदर्दी से रसी से बंधन करना क्या उचित है। इस विषय मे कानून अपना काम करेगा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता राकेश तिवारी ने इस पोस्ट को जब पढ़ लिया तो आप ने भी बोला कानूनन किसी को भी स्वयं सजा देने का अधिकार किसी को नही है। मामला कुछ भी हो किसी भी नाबालिक को इस तरह फेस बुक में पिक के साथ पोस्ट करना गलत ही माना जाता है।
नैनपुर से दीपक शर्मा की रिपोर्ट

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