रेवांचल टाइम्स - ये शोध करने वालों को शोध करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है, ऐसा लगता है कि ये लोग सारे काम छोड़कर सिर्फ और सिर्फ शोध में ही लगे रहते हैंl अरे भैया दुनिया में और भी काम है पिक्चर देखो, मोबाइल पर चैट करो, मेसेज देखो, ट्वीटर पर कौन क्या ट्वीट कर रहा है उसे पढ़ो, टीवी चैनलों में आने वाली 'चिल्ला चोंट' और गाली गलौज वाली डिबेट देखो, नेटफ्लिक्स पर अश्लील वेब सीरीज देखो, नेताओं की नौटंकी का आनंद उठाओ, नेता कैसे कैसे जहरीले बोल बोल्र रहे हैं ये भी तो सुनो, कोई घुटना टेक रहा है तो कोई दंडवत प्रणाम कर रहा है कोई किसी को 'आइटम' कह रहा है तो कोई किसी को 'रखैल' से सम्बोधित कर रहा है जब इतने मनोरंजन के साधन उपलब्ध है तो फिर शोध में सर खपाने की जरूरत क्या है ,पर शोध करने वालों को समझ में ही नहीं आता अब देखो न एक शोध सामने आया है जिसमें कहा गया है कि जो महिलायें अपने पति से झगड़ा करती हैं वे लम्बी उम्र पाती हैं, उनको 'हार्ट अटेक' का खतरा नहीं होता जब से महिलाओं ने ये शोध पढ़ा है तब से हर बीबी सुबह से लेकर शाम तक अपने शौहर से केवल झगड़ा कर रही है पति पूछता है कि अभी तक तो तुम एकदम 'गैया'थी अब 'सांड' कैसे बन गयी हो तो उत्तर मिलता है अगर नहीं झगड़ेंगे तो हार्ट अटेक आ सकता है मुझे हार्ट अटेक आ जाएगा तो अस्पताल ले जाना पड़ेगा, एंजिओग्रफी होगी ऐंजिओप्लास्टी हो सकती है या फिर 'बायपास' की भी नौबत आ सकती है तुम्हारे जेब से दो चार लाख रुपये खर्च हो जायेगे, मेरी सेवा भी करना पड़ेगी, इससे अच्छा तो ये ही है कि मैं तुमसे झगड़ा करती रहूँ ,चार पैसे बचेंगे तो बुढ़ापे में काम आएंगे और फिर तुम पतियों को तो वैसे भी डटनें की आदत रहती ही है यदि डबल डांट खा भी ली तो तो ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगाl शोध में कहा गया कि झगड़ा करने से उनके मन का गुबार निकल जाता है और उनका ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता जिसके कारण उन्हें हार्ट अटेक की संभावना कम हो जाती है अब इन शोध वालों को कौन समझाए कि भैया तुमने तो अपना शोध कर लिया पर इस शोध के बाद से बेचारे पतियों की जिंदगी कैसी हो गयी है उसका अंदाजा है क्या तुम्हे, अपने को तो लगता है कि भले ही झगड़ा करने वाली पत्नियों को हार्ट अर्टेक आये न आये पर बीबीयों की डांट खाते खाते पतियों का ब्लड प्रेशर जरूर 'लो' हो जाएगा और 'लो ब्लड प्रेशर' सीधा 'कोमा' तक पंहुचा देता है इसलिए पतियों को एक सलाह है कि बीच बीचा में आप लोग भी बीबीयों से झगडा कर लिया करो 'ब्लड प्रेशर' मेन्टेन रहेगा l
कुंवारों को ज्यादा खतरा
एक और शोध की बात सुन लो, जिसमें बताया गया है कि शादी शुदा लोगों की तुलना में कुंवारों को कोरोना से ज्यादा खतरा होता है जिनकी शादी अभी तक नहीं हुई है उस शोध के हिसाब से उनको कोरोना के संक्रमित होने का खतरा दो गुना हो सकता है जब से ये शोध सामने आया है सारे के सारे कुंवारे शादी करने दौड पड़े हैं, वेक्सीन कब आएगी कोई कह नहीं सकता लेकिन यदि शादी से कोरोना का खरतरा कम होता है तो शादी करने में बुराई क्या है, दअसल शादी शुदा आदमी की प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है, रोज सुबह से शाम तक बीबी के ताने, दफ्तर में बॉस के उलाहने, बीबी और बच्चों की फरमाइश पूरी करने और घर गृहस्थी चलाने में उसकी जो ताकत लगती है और वो उफ़ तक नहीं करता उससे उसका 'इम्यून सिस्टम' एकदम स्ट्रांग हो जाता है और कोरोना भी जब उसकी इतनी बुरी हालत देखता है तो दूर से ही 'टाटा बाय बाय' करके निकल जाता है, कोरोना भी सोचता है कि जो पहले से ही इतना हलकान और परेशान है हो उस पर क्या आक्रमण करना, लेकिन जब से कुंवारों ने ये पढ़ा है वे शादी के लिए दौड़ लगा रहे हैं जिसको जंहा लड़की मिल रही है 'चट मंगनी पट ब्याह' में लग गए है पंडितो की ऐसी शार्टेज हो गयी है कि एक फेरा वो एक जोड़े के लगवाता है तो दूसरा फेरा दूसरे का, तीसरा तीसरी जोड़ी का, यानि एक बार में सात शादिया पंडित जी करवा रहे हैं यही हाल हलवाइयों का है एक रिस्पेप्शन की पूड़ी सेंक कर आते हैं तो दूसरे के रसगुल्ले तल देते है फिर तीसरे की 'मिक्स वेज' बनाकर लौटते है तो चौथे के सिर्फ पापड़ ही तल पाते है घोड़ियों की भी शॉर्टेज हो गयी है घोड़ी एक दूल्हे को आधी दूर तक उसे उतार कर दूसरे दूल्हे को थोड़ी दूर पंहुचा देती है अगर इस शोध पर सारे कुंवारों ने भरोसा कर लिया तो समझ लो इंडिया में कोई भी 'मर्द कुंवारा' नहीं बचेगा
सुपर हिट ऑफ़ द वीक
'आपके पति कुएं में गिर गए हैं'
पडोसी ने आकर श्रीमती जी को खबर दी
श्रीमती जी का उत्तर था
'कोई बात नहीं आजकल हम लोग नल का पानी पीने लगे हैं
चैतन्य भट्ट

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