आदिवासी विभाग के आदेश पर तीन संतान के पिता शिक्षक मनमोहन अग्निहोत्री निलंबित - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Saturday, October 10, 2020

आदिवासी विभाग के आदेश पर तीन संतान के पिता शिक्षक मनमोहन अग्निहोत्री निलंबित

 


रेवांचल टाइम्स - पूरे प्रदेश में अब जिन जिन शासकीय कर्मचारियों की तीसरी सन्तान है उन्हें अब घर बैठना पड़ सकता है वही सरकार के द्वारा  विगत वर्ष 2001 में अधिनियम लागू किया था कि शासकीय कर्मचारियों की तीसरी सन्तान होने पर नोकरी की पात्रता की जाएगी समाप्त और वही कार्य कर रहे शासकीय कर्मचारियों की अगर होती है है तो पद से पृथक कर करने हेतु नियम लागू किया गया है ।

     वही सिवनी के एक शिक्षक की तीसरी सन्तान होने पर निलंबित कर दिया है ये है पूरा मामला विकासखंड घंसौर के अंतर्गत ग्राम देवरी टीका में पदस्थ शिक्षक मनमोहन अग्निहोत्री को तीन संतान के पिता होने पर सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग सत्येंद्र मरकाम द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर आदिवासी विकास विभाग सिवनी के आदेश क्रमांक 2558 शिक्षा स्थापना 2020 सिवनी दिनांक 7 अक्टूबर 2020 को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सिवनी सत्येंद्र मरकाम द्वारा पारित आदेश में लेख किया गया है । कि शिक्षक मनमोहन अग्निहोत्री के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच विकास खंड अधिकारी घंसौर द्वारा कराई गई है विकास खंड अधिकारी घंसौर ने अपने जांच प्रतिवेदन क्रमांक 969 शिकायत 2020 दिनांक 28 नो 2020 के द्वारा अवगत कराया गया है। कि शिक्षक मनमोहन अग्निहोत्री शासकीय प्राथमिक शाला केदारपुर विकासखंड घंसौर में पदस्थ है। शिकायत में वर्णित अनुसार इनकी तीन संतान है। किंतु इसके द्वारा अपने कथन में यह बात भी स्वीकार की गई है। कि अपनी सेवा पुस्तिका में तीसरी संतान का नाम दर्ज नहीं कराया है। तीसरी संतान अनुज पिता मनमोहन अग्निहोत्री का जन्म 22 जून 2012 को हुआ है ।मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 (दिनांक 25 मई 2020 तक संशोधित) 2000 के अनुसार अधिनियम 22 के उप नियम 04 में स्पष्टीकरण है कि शासकीय सेवक के दो से अधिक बच्चे होने पर दोषी माना जावेगा यदि उनमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके पश्चात हुआ है। तो वह सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन की श्रेणी में आने के फल स्वरुप प्रथम दृढ़ता दोषी पाए जाने पर मनमोहन अग्निहोत्री प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शाला केदारपुर विकासखंड घंसौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।


रेवांचल टाइम्स से अखिलेश बंदेवार की एक रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment