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Friday, October 9, 2020

ईश्वर के प्रति अटल विश्वास और सत्य की प्रतिमूर्ति हैं भक्त प्रह्लाद और ध्रुव, दोनाें ने अपनी भक्ति से श्रीहरि विष्णु को जीता : वेदाचार्य पंकज गौतम


रेवांचल टाइम्स  - जिले में चल रहे कथा पंडित स्व. सूरज प्रसाद गौतम की स्मृति में मां नर्मदा गंज डिडौरी में आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद-ध्रुव चरित्र और वामन अवतार कथा का वर्णन


डिंडौरी 'भक्त प्रह्लाद और ध्रुव ईश्वर के प्रति अटल विश्वास, भक्ति और सत्य की प्रतिमूर्ति हैं। दोनों ने माया-मोह छोड़कर एक ही आधार भगवान विष्णु को अपना आराध्य माना। उनकी भक्ति में इतनी शक्ति थी कि उनकी रक्षा के लिए स्वयं श्रीहरि विष्णु ने मृत्युलोक में कदम रखा था। वह हरि के सच्चे भक्त हैं। प्रभु की भक्ति करनी है तो इन दोनों के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए।' यह सीख डिंडौरी के युवा वेदाचार्य पंडित पंकज गौतम ने मां नर्मदा गंज में आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण के दौरान दी। वह पंडित स्व. सूरज प्रसाद गौतम की स्मृति में श्रीमती चैनवती देवी गौतम की ओर से संयोजित सात दिवसीय पुराण के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद-ध्रुव चरित्र और वामन अवतार प्रसंग का वर्णन कर रहे थे। वाराणसी के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री पंडित पंकज गौतम ने कहा कि प्रभु की भक्ति करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है उन पर अटूट विश्वास। प्रह्लाद और ध्रुव ने प्रभु पर अटूट विश्वास करते हुए भक्ति का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। दोनों ही कठोरतम दंडों और यातनाओं से भी नहीं डरे और ईश्वर की आराधना करते रहे। ठीक उसी प्रकार हमें भी जीवन के संकटों से नहीं डरना चाहिए और भगवान पर विश्वास कर उनकी आराधना में लीन होना चाहिए। भगवान भक्तों की सच्ची पुकार सुनकर निश्चित ही उन पर कृपा बरसाते हैं। वर्तमान में बच्चों में अच्छे संस्कार के लिए उन्हें भक्त ध्रुव व प्रह्लाद की कथा अवश्य सुनानी चाहिए। इससे उनमें अच्छे भाव व संस्कार जन्म लेते हैं। इस दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर दिव्य कथा का श्रवण करते रहे। वेदाचार्य पंकज गौतम ने बताया कि पुराण में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्म और प्रभु श्रीराम अवतार की कथा सुनाई जाएगी। 


प्रतिष्ठित कारोबारी अयोध्या प्रसाद बिलैया भी पहुंचे कथा सुनने


कथामृत का रसपान करने के लिए डिंडौरी के प्रतिष्ठित कारोबारी अयोध्या प्रसाद भी आयोजन स्थल पहुंचे। बीते कुछ दिनों से वह बेडरेस्ट पर हैं, इसके बावजूद प्रबल इच्छाशक्ति और ईश्वर पर अटूट विश्वास का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पुराण में विविध प्रसंगों का रसपान किया। उन्होंने कहा कि वह मां नर्मदा के अनन्य भक्त हैं और जिले में कहीं भी धार्मिक-सामाजिक आयोजन होते हैं, वह अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज कराते हैं।

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