रेवांचल टाइम्स - माननीय अपर सत्र जिला न्यायाधीश चौरई द्वारा थाना चौरई के अपराध क्रमांक 291/2018 के आरोपी सागर उर्फ योगेश पिता गुलाब प्रसाद नामदेव उम्र 21 वर्ष निवासी तकिया वार्ड छपारा थाना छपारा जिला सिवनी अंतर्गत धारा 363, 366(a),,376(2)(N), 506 भादवि एव 5 ठ/6 पोक्सो अधिनियम के आरोपी के द्वारा पेश की गई द्वितीय जमानत आवेदन को निरस्त किया,उक्त आवेदन का अपर लोक अभियोजक प्रवीण कुमार मर्सकोले के द्वारा गंभीर विरोध दर्ज किया गया| वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किए गए तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त की जमानत आवेदन निरस्त किया गया,पूर्व में दिनांक5/7/19 को न्यायालय द्वारा प्रथम जमानत आवेदन अस्वीकार किया गया था।
मामले का विवरण इस प्रकार है:- दिनांक13/05/2018 को प्रार्थी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगा कर ले गया है दिनांक 30/08/18 को पीड़िता की दस्तयाब की गई पीड़िता ने बताया कि वह अपने नाना के घर रहकर 11वीं तक पढ़ी है छपारा में उसकी जान पहचान सागर नामदेव से हुई थी दिनांक9/5/18 कि रात करीब 10बजे सागर ने उसे फोन किया कि उसे एक जगह नौकरी लग रही है, नौकरी के काम से चलना है,तुम उसे घर के बाहर मिलना उसके बाद पीड़िता सागर के साथ मोटरसाइकिल से सिवनी चली गई सिवनी से सागर ने उसे नागपुर ले गया वहां पर कुम्हार टोली नंदनवन मे एक मकान में रखा था दूसरे दिन पीड़िता ने उससे पूछा कि बताओ मुझे कहां नौकरी लग रही है तो उसने बोला कि पहले मैं बात करके आता हूं फिर तुम चलना रात को जब सागर वापस लौटा तो उसने कहा कि दो-चार दिन के बाद साहब ने नौकरी पर बुलाया है और बोला कि हम दोनों की नौकरी लग जाएगी और हम शादी कर कर यहीं पर रहेंगे कहकर रात को गलत काम करने के लिए कहने लगा मना करने पर भी उसने जबरदस्ती गलत काम किया दो माह तक पीड़िता को नागपुर में पत्नी बनाकर रखा क्योंकि उस समय पीड़िता नाबालिक थी इसलिए अपराध गंभीर प्रकृति का है इस मामले मे न्यायालय के समक्ष आरोपी ने जमानत आवेदन पेश किया जिसे माननीय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत द्वितीय जमानत आवेदन को निरस्त किया।

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