रेवांचल टाइम्स - वर्षाकाल में चार माह बन्द रहने के बाद 1 अक्टूबर से दुनिया मे प्रसिद्ध जिले का राष्ट्रीय उद्यान कान्हा जंगल सफारी के लिए एक बार फिर खोला गया । कान्हा ओपनिग के पहले दिन पर्यटकों ने पार्क का भ्रमण किया । भ्रमण के दौरान जंहा पर्यटक कान्हा में दुनिया मे दुर्लभ प्रजाति के बारासिंघा को " स्वर्णमृग " रूप और गिद्ध ( वल्चर ) बहुतायत में देखे वंही जंगली भैंस, अजगर, आदि अनेक वन्य जीव देखे लेकिन एक चिंता का बड़ा कारण भी देखा वह था आने वाले दिनों में पार्क के शाकाहारी प्राणियों के आहार का संकट। बारिश के बाद पार्क के अधिकांश छेत्रों में पर्यटक मुड़मुड़ी घास देखी जिसने सांभर, चीतल, बारासिंघा जैसे प्राणियों के पसंदीदा आहार ( घास ) की जगह मुड़मुड़ी घास ही घास दिखाई दी। समय रहते यदि मुड़मुड़ी का सफाया नही किया गया तो निश्चित तौर पर आने वाले दिन पार्क के शाकाहारी प्राणियों के लिए मुसीबत भरे होंगे ,,,,,,,
आज खुले कान्हा नेशनल पार्क के गेट वन राज के दर्शन करने पहुंचे पर्यटक
वही पहले दिन ही किसली एव मुक्की पर्यटन जोन एव वफर जोन के अंतर्गत खटिया, खापा एव सिझोरा पर्यटन जोन में पर्यटको को प्रथम दिन प्रातः की सवारी में कान्हा खटिया के प्रवेश द्वार से 17 वाहन, 81 पर्यटक एव मुक्की प्रवेश से 21 वाहन 105 पर्यटकों ने प्रवेश किया वही कोविड 19 को देखते हुए भारत सरकार एव राज्य सरकार के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पर्यटकों को पर्यटन हेतु प्रवेश दिया। वही समस्त पर्यटकों व वाहन चालकों, गाइडों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना व सामाजिक दूरी बनाये रखने के आदेश दिए वही पार्क प्रबन्धन के द्वारा कान्हा के समस्त प्रवेश द्वारो पर सेनेटाइजर एव थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।

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