रेवांचल टाइम्स - प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय भोपाल से हुए थे कार्रवाई हेतु जांच के आदेश....
अखबारो मे हमेशा गर्माता रहा है मामला......
जांच के आदेश के बाद एक साल में हो पाई थी जांच पूरी.... जांच में दोषी पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करने में फिर एक साल से ज्यादा का लग गया वक्त.... पूरे मामले में हो रही लीपापोती......
पटवारी पर बर्खास्तगी और f.i.r. की कार्ईवाही नही होने की दशा में न्यायालय जाने की तैयारी....
अब जबलपुर कमिश्नर से की गई हैं शिकायत....
सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार की पद मुद्रा पर पटवारी दिनेश पटले के द्वारा अपने हस्ताक्षर करके बीएलओ बदलवाने के मामले पर प्रमुख राजस्व आयुक्त भोपाल के पत्र में कार्यालय कलेक्टर सिवनी के द्वारा घंसौर अनुविभागीय अधिकारी को जांच एवं कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया था जिसमें पूरे एक साल की जांच में पटवारी दिनेश पटले के द्वारा जारी अनुशंसा पत्र में बीएलओ बदलने का कृत्य किया गया था जो उनके पद कर्तव्यों के विपरीत मानते हुए पटवारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किए जाने प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय भेजा गया ।और पुनः कलेक्टर कार्यालय से एक पत्र दोषी पटवारी दिनेश पटले के विरुद्ध कार्रवाई हेतु घंसौर अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भेज दिया गया तब से आज तक ग्यारह माह बीत जाने के बावजूद दोषी पटवारी पर कार्यवाही से दूर प्रशासन पटवारी पर मेहरबान बना हुआ है।
हमारे अखबार ने प्रशासन की मेहरबानी पर हमेशा उठाये सवाल.....
हमारे अखबार ने समय-समय पर मामले पर जब जब प्रशासन को आईना दिखाया है तब- तब ही प्रशासन इस पूरे मामले पर सजग हुआ है और मामले को दबाने हर बार प्रयाश किये गये हैं। हमारे अखबार की पहल पर जांच तो हो गई पर प्रशासन की मेहरबान पटवारी दिनेश पटले पर बर्करार है।
पटवारी दिनेश पटले की कई बार हो चुकी शिकायत..
अधिकारियों पर अपने फ्लैट और पहुंच बरकरार रखने वाले पटवारी दिनेश पटेल के खिलाफ इसके पहले भी कई मामले उजागर हो चुके हैं दिनेश पटले पटवारी जहां-जहां जिन जिन तहसीलों में पदस्थ रहे हैं उन तहसीलों में वह अपने कारनामों की छाप छोड़ के आए हैं तहसील घंसौर हो या फिर हो धनोरा तहसील ऐसे कई मामले हैं जिनकी वजह से विभाग को नीचा देखना पड़ा है।
पद का दुरुपयोग करने का है मामला-
बात 2014 की है जहां एक बीएलओ ब्लॉक लेवल ऑफिसर के बदले किसी और को बीएलओ का प्रभार दिलवाने के लिए पटवारी दिनेश पटेल ने तहसीलदार धनोरा की अनुपस्थित में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की पद मुद्रा पर स्वयं हस्ताक्षर करते हुए पत्र क्रमांक /105/दिनांक-27/01/2014 को अनुशंसा पत्र जारी किया जिस पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विधानसभा क्षेत्र 116 केवलारी गौरी शंकर शर्मा तात्कालीन तहसीलदार केवलारी के द्वारा अनुशंसा पर आदेश क्रमांक -432/दिनांक02/02/2014 जारी कर दिया गया जिसको लेकर मोहम्मद इकबाल खान सहायक अध्यापक शासकीय प्राथमिक शाला नोनिया के द्वारा आपत्ति लगाते हुए दिनांक- 17/02/2014 को आवेदन भी प्रस्तुत किया गया परन्तु पटवारी दिनेश पटेल की पहुंच और अधिकारियों पर अपनी पैठ के चलते मामले को दबा दिया गया।
सूचना अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार...
वही मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मिली जानकारी अनुसार कार्यालय तहसीलदार लखनादौन के पत्र क्रमांक 1050 दिनांक- 29/12/2016 में तत्कालीन तहसीलदार श्रीमती मीना मेहरा के द्वारा स्पष्ट लेख है कि उक्त अवधि में वह अवकाश में थी और उनकी अनुपस्थिति में शासकीय कार्य संपादन करने हेतु किसी भी शासकीय सेवक को उनके द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे ।
शिकायत के बाद जांच में लग गये पूरे साल...
वहीं उक्त मामले पर तहसील,अनुभाग और जिला कार्यालय पर जनपद पंचायत धनोरा के उपाध्यक्ष जहान से मर्सकोले के द्वारा शिकायत की गई परंतु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई ना होती देख तमाम सबूतों के साथ दिनांक 8 जुलाई 2018 को प्रमुख राजस्व आयुक्त राजस्व राहत भवन अरेरा हिल्स भोपाल मे लिखित शिकायत दर्ज कराई गई और कार्यालय प्रमुख राजस्व आयुक्त मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक-एफ-6-245-246/शि.शा./प्रराआ/2018 /6014 दिनांक- 06/08/2018 को कलेक्टर जिला सिवनी मध्य प्रदेश के नाम तत्कालीन पटवारी दिनेश पटेल तहसील धनोरा के पद का दुरुपयोग के संबंध में कार्रवाई हेतु पत्र लिखा गया जिसमें स्पष्ट लेख था की शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं पर परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई कर आवेदक को और कार्यालय को अवगत करावे ।
वही कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिवनी के पत्र क्रमांक- 1918/भूअ/स्था-1/2018 दिनांक- 17/09/2018 अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग घंसौर को एक सप्ताह में जांच के बिंदुओं पर जांच कर आवेदक एवं कार्यालय को कार्यवाही से अवगत कराने पत्र जारी किया गया परंतु पटवारी दिनेश पटेल की जांच में एक सप्ताह तो दूर की बात है पूरे 11( ग्यारह)महीने होने के बावजूद भी जांच ना हो सकी और कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिवनी के द्वारा पुनः स्मरण पत्र क्रमांक- 2046/भूअ/स्था-1/2019 दिनांक- 21/08/2019 के माध्यम से नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिवस में कारवाही किये जाने का पत्र लिखा गया था।
जहां कलेक्टर कार्यालय से जारी पत्र के पूरे एक साल बाद कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घंसौर जिला सिवनी के पत्र क्रमांक- 134/ कानूनगो/ 2019 दिनांक- 17 09/ 2019 के माध्यम से जांच रिपोर्ट पूरी हो सकी जिसमें दिनेश पटेल पटवारी के द्वारा अपनी अधिकारिता से बाहर जाकर सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / तहसीलदार की पद मुद्रा में फार कर हस्ताक्षर कर अनुशंसा पत्र जारी कर बीएलओ बदलवाने का कृत्य किया जानात्रपाया गया जो कि उनके पद कर्तव्यों के विपरीत होने से संबंधित पटवारी दिनेश पटेल के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किए जाने हेतु प्रतिवेदन सिवनी- कलेक्टर की ओर भू अभिलेख शाखा सिवनी के नाम लिखा गया। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिवनी के पत्र क्रमांक-2339/भूअ/स्था-1/2019 दिनांक- 14/10/2019 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी घंसौर को पटवारियों के विरुद्ध में कार्रवाई किए जाने हेतु पूर्ण अधिकार के लेख के साथ पत्र पहुंचा दिया गया ।तब से लेकर आज तक यूं कहें कि 2014 से लेकर अब तक दोषी पटवारी दिनेश पटले के खिलाफ कार्रवाई करने प्रशासन का कागजी घोड़ा दौड़ रहा है। वहीं जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद दोषी पटवारी दिनेश पटेल के खिलाफ कार्रवाई करने में प्रशासन अनदेखी कर रहा है ।अब शिकायतकर्ता न्यायालय की शरण जाने के लिए मजबूर है।
पटवारी पर मेहरबान प्रशासन....
अब इस पूरे मामले पर दोषी पटवारी दिनेश पटले पर प्रशासन मेहरबान नहीं है तो फिर ये क्या है ?
मामले की फाइल अनुविभागीय अधिकारी घंसौर कार्यालय में दबी पड़ी है वैसे भी प्रमुख राजस्व आयुक्त भोपाल के पत्र पर और जिला कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिवनी के पत्र में भी घोर लापरवाही करते हुए केवल जांच में पूरे एक साल लगा दिए गए थे और वहीं जांच पूरे होने के बाद अब फिर से कार्रवाई करने में पुनः एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है।
दोषी पटवारी दिनेश पटले की पहुंच पकड़ अधिकारियों में तगड़ी साबित हो रही है शायद यही कारण है
कि निर्वाचन संबंधी कार्य में घोर लापरवाही और पद का दुरुपयोग करते हुए सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/ तहसीलदार की पद मुद्रा पर पटवारी दिनेश पटले के द्वारा हस्ताक्षर कर अनुशंसा पत्र जारी करने के मामले पर दोषी पाए जाने के बावजूद मामला पिछले 6 वर्षों से दबाने में और की गई शिकायत पर जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद कार्रवाई करने के बजाएं लीपापोती की जा रही है।
पटवारी दिनेश पटले को बचाने के लिए ना केवल अनुभाग कार्यालय घंसौर के कर्मचारी बल्कि भू -अभिलेख कार्यालय सिवनी के अधिकारी/ कर्मचारी भी अपनी अहम भूमिका निभाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। और पद के दुरुपयोग मामले में दोषी पटवारी दिनेश पटेल पर प्रशासन के कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी मेहरबानी दिखाने में जुटे हुए हैं।
अब इस पूरे मामले पर लापरवाहो पर और जांच में पाए गए दोषी करार पटवारी पर जिले के कलेक्टर क्या भूमिका अदा करते हैं यह देखने वाली बात है । वहीं इस पूरे मामले पर कुछ जिम्मेदारों का यह कहना है:-
"" मेने प्रमुख राजस्व आयुक्त भोपाल को सबूतों के आधार पर शिकायत की थी सिवनी- कलेक्टर कार्यालय से जांच भी कराई गई पर दबाव बस जांच में पूरे एक साल लगा दिए गए, जांच में पटवारी दिनेश पटले दोषी पाये गये। परन्तु जिस तरह जांच को दबाने का प्रयास कर लंबा समय लगाया गया ठीक उसी प्रकार दोषी पटवारी पर कार्रवाई करने पुनः मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा।अब इस पूरे मामले में दोषी पटवारी दिनेश पटले पर
जिले के कलेक्टर साहब को तत्काल कार्रवाई और एफ आई आर दर्ज करानी चाहिए । अन्यथा मुझे माननीय उच्च न्यायालय हाई कोर्ट की शरण लेना पड़ेगा।""
जहा़नसिंह मर्सकोले-उपाध्यक्ष- जनपद पंचायत धनौरा
"" धनौरा के तात्कालीन पटवारी दिनेश पटले के द्वारा फर्जी तरीके से तहसीलदार की जगह स्वंय ने हस्ताक्षर कर जो पद का दुरुपयोग किया गया उस पर कलेक्टर महोदय को कार्ईवाही करनी चाहिए।
राजेन्द्र गुर्जर (राजा पटेल) मंडल अध्यक्ष भाजपा कहानी

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