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Tuesday, October 27, 2020

आधी रात को डूंडासिवनी थाना का किया घेराव, हुआ रतजगा/सिवनी-बंडोल में होता है कंपन!


रेवांचल टाइम्स:- सिवनी। दशहरे पर्व के सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि में शहर में जमीनी कंपन से एक बार फिर नागरिक सिहर उठे। रात में भूकंप जैसे कंपन महसूस होने पर भयभीत नागरिक अलसुबह ही डूंडासिवनी थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। वही मुख्यालय से मंडला बालाघाट मार्ग में बड़ी संख्या में लोग थाने के सामने जमा हुए। नागरिकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के आसपास संचालित क्रेशर खदान में शक्तिशाली बारूद डायनामाइट आदि का उपयोग बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। जिसका परिणाम शक्तिशाली धमाकों से होने शहर में आए दिन कंपन के रूप में नागरिक महसूस कर रहे हैं।



बंडोल में भी कंपन – ठीक इसी प्रकार का कंपन 22 अक्टूबर की दोपहर 1.36 बजे लोगों ने बंडोल में महसूस किया था। इस दिन बंडोल स्थित मां कात्यायनी माता मंदिर में सिवनी समेत आसपास के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां पूजन के दौरान और जो लोग आसपास के घरों में अपने रिश्तेदारों के घर में रुके थे उन लोगों ने भी 22 अक्टूबर दिन गुरुवार को दोपहर 1:36 बजे दो बार धमाकों की धमक के साथ कंपन महसूस किया था। जिसकी चर्चा जोरों पर थी हालांकि यहां रहने वालों ने बताया कि यहां आस-पास क्रेशर खदानें हैं। चट्टान, पत्थरों को तोड़ने के लिए ब्लास्ट किया जाता है जिसका असर आसपास के घरों में कंपन के रूप में होता है वही लोगों ने बताया कि कई घरों में दरारें आ चुकी हैं और कमजोर भी हो चुकी हैं जिसकी शिकायत कई साल पहले शासन प्रशासन से भी की गई थी। यहां के लोगों ने अब अपने हालातों पर समझौता कर लिया है।




पूरी रात जागे नागरिक – सोमवार मंगलवार की मध्य रात्रि लगभग 3:55 बजे जमीन थर्रा उठी। एक के बाद एक तीन कंपन से लोगों की निद्रा टूटी और कबीर वार्ड डूंडासिवनी क्षेत्र के नागरिक डूंडासिवनी थाना पहुंचे। एक के बाद एक लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू होता गया और देखते ही देखते सैकड़ों लोग अलसुबह ही थाना क्षेत्र की सड़क पर जमा हो गए। वहीं परेशान नागरिकों ने डूंडासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत के गांव में लगी क्रेशर और चट्टानों, पत्थरों को शक्तिशाली ब्लास्ट का कार्य किए जाने व उससे कम्पन होने, पक्के मकान कमजोर होने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने बताया कि आज रात उनका रतजगा हुआ। क्षेत्रवासियों में इस मामले को लेकर खासा आक्रोश व्याप्त है। यह भूकंप नहीं – आक्रोशित नागरिकों ने क्रेशर संचालकों द्वारा किए जा रहे बार-बार शक्तिशाली ब्लास्ट के कारण कंपन होने का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि यह कोई भूकंप नहीं है। जहां-जहां क्रेशर गिट्टी खदान हैं वहां-वहां आसपास के इलाकों में ही कंपन महसूस किए जा रहे हैं। अगर कंपन होता तो जहां क्रेशर खदान नहीं है वहां के लोग भी कंपन महसूस करते।




हुई थी जांच- इससे पहले भी गांव कोहका में संचालित क्रेशर खदान की जांच प्रशासन ने की थी, हालांकि शासन प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर अभी तक नहीं पहुंचा है। वहीं नागरिकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत के बाद ब्लास्ट नहीं होता है, जिसके कारण कुछ दिनों तक कंपन नहीं होता है। इसके बाद पुनः मौका देखकर क्रेसर संचालक ब्लास्ट करते हैं और भूकंप जैसा कंपन होता है।


उड़ती है धूल – गांव राधादेही के ग्रामवासियों ने बताया कि गांव कोहका में क्रेशर है जब-जब बलास्ट होता है तब बड़ी मात्रा में धूल उड़ कर आसपास के गांव क्षेत्रों में पहुंचती है। खेत-बाड़ी में लगी फसल, साग-सब्जी, पौधों की पत्तियों में धूल जमा हो जाती है । जिससे फसलों व सब्जियों को काफी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत गांव के कोटवार, पटवारी, सरपंच, सचिव आदि से की है। लेकिन इस और कोई गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। जांच होती है, कभी कहा जाता है कि जिस स्थान पर क्रेसर की जमीन है वह जबलपुर-सिवनी भूकंप की पट्टी में आता है। जिस कारण जरा सा ब्लास्ट होने पर ज्यादा कम्पन होता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि निर्धारित क्षमता से अधिक 20-20 फिट के गहरे होल करके विस्फोट किया जाता है, जिसके कारण जमीन हिल जाती है। गांव राघादेहि निवासी मुरारीलाल, नंदकिशोर, बराती लाल, किशोर आदि ने बताया कि धमाकों से काफी ज्यादा वह परेशान हो चुके हैं वहीं इस मामले में कोहका के क्रेशर संचालक रामायण सिंह सिसोदिया ने पूर्व में हुए धमाकों और जांच के विषय में बताया कि एसडीएम, माइनिंग ऑफिसर समेत अन्य अधिकारियों ने यहां मौके में पहुंचकर जांच कर चुके हैं। पंचनामा भी बनाया गया है लेकिन क्रेशर से होने वाले भूकंप जैसे धमाकों की बात सामने नहीं आ रही है। वहीं उन्होंने बंडोल के कुछ क्रेसर संचालकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बंडोल के कुछ क्रेशर संचालक चाहते हैं कि कोहका में संचालित उनकी क्रेसर का काम बंद हो जाए जिसके कारण आपत्ति जताई जा रही है। रात्रि में नागरिकों द्वारा थाना पहुंचने के मामले में जब डूंडासिवनी थाना प्रभारी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताया।


कोहका में तीन क्रेशर – गांव कोहका के ग्रामवासियों में संतोष यादव, विजय, रजनी, प्रेमलाल आदि ने बताया कि घरों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। मकान कमजोर हो चुके हैं। यहां तीन क्रेशर संचालित हैं जिसके कारण ब्लास्ट होने पर उत्पन्न से सभी परेशान है। वही सिवनी मे सुबह लगभग 4:11 में 3.3 रेक्टर का भूकंप आने की पुष्टि की जा रही है। जमीन में हो रहे कंपन की वस्तुस्थिति जो भी हो नागरिकों ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस और शीघ्र सूक्ष्मता से जांच कर लोगों को राहत प्रदान किया जाए।


रेवांचल टाइम्स से मुकेश जायसवाल की रिपोर्ट

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