रेवांचल टाइम्स - देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों को खुद के घर का उपलब्ध कराने का सपना देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना बनाई थी जिसमें गरीबों को पक्के मकान बनायें जाने में सरकार द्वारा मदद की जाती है। प्रधानमंत्री के सपने को झाबुआ जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच तालमेल का अभाव होने के चलते ग्रहण लगने की संभावना बनती जा रहीं है। सरकार की और से पेटलावद में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए दी गई राशि प्रथम किस्त के रूप में नगर परिषद के खाते मे 2 करोड़ रूपयें की राशि सरकार को वापस जमा करायें जाने की स्थिति निर्मित हो रहीं है।
कई बार भेजी जा चुकी है फाईल
पेटलावद नगर परिषद द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद नगरिय क्षेत्र के अंतर्गत दो वर्ष पूर्व 202 लोगो की सुची बनाकर पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण हेतू प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजुरी के लिए भेजा गया है। जिले में भेजी गई सुची में वहां से शिकायत और जांच के निर्देश मिलने पर चार अपात्र लोगो के नाम कम करके फिर से 198 लोगो की सुची तैयार कर जिले में भेजी है, जो कि जिला शहरी विकास अभिकरण परियोजना कार्यालय झाबुआ (डुडा) में विचाराधिन है।
बैठकों में हो रहीं चर्चा
इस पुरे मामले में शासन के द्वारा नगर परिषद के खाते में दो करोड़ रूपयें योजना की प्रथम किस्त के रूप में जमा करवा रखे है लेकिन प्रकरण की मंजुरी नहीं मिलने से अभी तक हितग्राहियों को राशि का आवंटन नहीं किया गया है। सुत्रो से मिलीजानकारी अनुसार राशि का उपयोग नहीं कियें जाने से शासन द्वारा कमिश्नर स्तर पर बैठके की जा रहीं है उसमें यह निष्कर्ष निकलकर सामने आ रहा है कि नप. यह राशि वापस शासन के खाते में जमा करवा दे, प्रस्ताव मंजुर होने के बाद शासन द्वारा वापस नप. को राशि आवंटीत कर दी जाएगी।
अभी इंतजार बाकि...
इस तरह से यदि दस्तावेजों का फिर से सत्यापन की प्रक्रिया होती है तो आवास योजना के हितग्राहियों को अभी और कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है। यदि सत्यापन प्रक्रिया होती है तो नप. के खाते में रखी दो करोड़ की राशि शासन को वापस लोटाई जाने की अटकलो ंको बल मिलता है।
राषि की राह में टुटे मकान
वहीं प्रधानमंत्री आवास की राशि नहीं मिलने से सुची में शामिल हितग्राहियों के मकान टुट चुके है। इस कारण कई बार बडे हादसें भी घटित होने से टल गये। राशि की राह में हितग्राहियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जैसे तैसे बारिश निकलने के बाद अब ठण्ड के दिनों में हितग्राहियों को अधिक परेशानी होगी। न तो हितग्राहीं मकान बना पा रहे है और जिर्ण शिर्ण अवस्था वाले मकान में रह भी नहीं पा रहे है। वहीं आगामी त्योहारों को देखते हुए भी हितग्राहियों के मन में निराशा जाग रहीं है, इस तरह से प्रधानमंत्री मोदी की आवास योजना पर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी पलिता लगा रहे है।
फाईल में कमी
मामले को लेकर नप. अध्यक्ष मनोहर भटेवरा ने नप. का पक्ष रखते हुए बताया कि नप.की और से 8 बार फाईल को अनुमोदन के लिए जिले में भेजा गया। जिला प्रशासन की और से बार-बार फाईल में कमी पेशी निकालने और हर बिंदु पर जांच कराने के बाद पुरी अनुशंशा सहित फाईल भेजी है। सरकार द्वारा नप. के खाते में 2 करोड़ रूपयें जमा कर रखे है, जिला प्रशासन की और से अनुमति मिलने पर जल्द हीं हितग्राहियों के खाते में राशि डाली जाएगी।
सत्यापन होना है
जिला शहरी एवं परियोजना अभिकरण अधिकारी कमलेश गोले ने बताया कि कलेक्टर महोदय के द्वारा आवास योजना की फाईल के दस्तावेजों का सत्यापन हेतू निर्देश दिया गया है, सत्यापन के पश्चात प्रकरण कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा, जल्द हीं प्रक्रिया पुरी की जाएगी।
मोखिक निर्देश
नप. के खाते में रखे हुए दो करोड़ रूपयें शासन को वापस लोटायें जाने के संबंध में नप. सीएमओं मनोज कुमार शर्मा ने कहां कि वरिष्ठ अधिकारियों की और से नप.के इंजिनियर को फोन पर इस संबंध में जरूर निर्देशित किया गया है लेकिन नप. पुरे प्रयास करते हुए अभी रूपयें शासन को वापस नहीं लोटाना चाहती, जल्द हीं हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
फोटो पेटलावद 01 टुटे मकान।


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