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Tuesday, September 1, 2020

विकासखंड में नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार का खेल शिकायत के बाद भी नही होती कोई कार्यवाही



 रेवांचल टाइम्स - जिले की ग्राम पंचायतों में भ्रस्टाचार की लगाम नही लग पा रही है जिससे सरपँच सचिवों के हौसले बुलंद है भ्रस्टाचार करने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा अनेक अनेक प्रकार से भ्रटाचार किया जा रहे अगर जिम्मेदार अपना ईमानदारी से कर्त्तव्य निभा दे तो आज जिले की बहुत सी ग्राम पंचायत के सरपँच और सचिव जेल की हवा खा रहे होंगे पर सब गांधी जी के सामने मजबूर है आज के समय मे सब को गांधी जी की आवश्कता है।

    वही चिराईडोगरी ग्राम पंचायत के द्वारा शौचालय निर्माण में भारी गोलमाल किया गया पुरानी ईट लगा कर नई ईट का भुगतान कर लिया वही उपयंत्री कहते हैं कि मुझे जानकारी नही क्या बिना की जानकारी के भुगतान होना कितना सम्भव है ये तो सभी जानते है जिले के अधिकतर उपयंत्री अपने घर पर बैठे बैठे ही ले आउट, मूल्यांकन आदि काम सब घर से कर देते है बस उन्हें समय मे उनके हिस्से के गांधी जी मिल जाये फिर उनसे सरपँच सचिव जहाँ भी हस्ताक्षर करवा लें।

         कहते हैं कि सरकार और शासन गांव में विकास के लिए शासन की योजनाओं को संचालित करते हैं मगर उसके नुमाइंदे अधिकारी और जनप्रतिनिधि उन योजनाओं का खुलकर माहौल उड़ाते हैं और निचले स्तर तक पहुंचने ही नहीं देते और पूरी मलाई खुद ही साफ कर जाते हैं मगर जनप्रतिनिधि और अधिकारी शिकवा शिकायत होने पर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं इसी प्रकार एक मामला ग्राम पंचायत चिराईडोगरी का है  जिसमें ग्राम पंचायत के द्वारा एक योजना के तहत सुलभ शौचालय का निर्माण किया जा रहा है जिस की 3 लाख 49 हजार की लागत से  सुलभ शौचालय भवन का निर्माण किया जा रहा है मगर उसमें लगने वाला मटेरियल किसी दूसरे भवन का है और उस में लगाई गई ईंट पुराने भवन से निकली हुई दूसरे भवन की हैं  जिससे साफ होता हैं कि पंचायत किस प्रकार का गोलमाल और अच्छा कर रही हैं  और निर्माण कार्य की कितनी गुणवत्ता होगी ये समय मे पता चल जायेगा।
          वही जब जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत सचिव सरपंच से फर्जीवाड़ा की जानकारी लेनी चाही गई उनका कहना साफ है कि शौचालय में नई ईंट का प्रयोग किया गया हैं मगर निर्माण के समय की तस्वीर बयान करती हैं कि
माजरा कुछ और जिसमें साफ दिखाई दे रहा हैं कि सचिव सरपंच और उपयंत्री कितना सच कह रहे है और ये सब देखने वाले ही बता सकते है और इन सभी की मिली भगत से पूरी पुरानी ईट लगाकर नई ईटो का बिल लगा कर 27 हजार की राशि का आहरण कर लिया गया हैं
वही जब उपयंत्री से पूछा गया तो उनका साफ कहना हैं कि ऐसा कुछ नही किया गया हैं
और जब पंचायत ने भुगतान ही प्राप्त कर लिया

        जिससे साफ होता है कि ग्राम पंचायत में जब इस तरह के छोटे-छोटे भ्रष्टाचार की गए हैं तो जब भ्रष्टाचार जांच होगी तो ग्राम पंचायत चिरईडोगरी में ऐसे कितने ही मामले निकल कर आएंगे मगर वही अधिकारी और उपयंत्री जनपद पंचायत के सचिव सरपंच हमेशा अपने आप को निर्दोष बता कर सांफ़ पल्ला झाड़ कर निकल जाते हैं और अधिकारी उनके बचाव में एक मोटी रकम लेकर कार्यवाही नहीं करते जिसका उदाहरण विगत पूर्व की ग्राम पंचायत कन्हार गांव रमपुरी निवारी मक्के ऐसी अनेक पंचायतों का है जो इनके द्वारा किये गए निर्माण कार्यो की अगर सूक्ष्मता से जाँच की जाए टी इनके द्वारा किये गए लगातार भ्रष्टाचार की पोल खुल जायेगी जिसमें कैसे और किस तरह से शासकीय धन की होली खेली जा रही हैं मगर और जनपद पंचायत के उपयंत्री सचिव मिलकर फर्जी वाड़ा को अंजाम दे रहें है



        इनका कहना हैं

          पुरानी ईंट से शौचलय का निर्माण किया गया हैं  मेरे दवारा मना किया गया था मगर बिल कैसे और किस ने लगया मुझे नही पता है में दिखवाता हूँ।

        अभय गुप्ता उपयंत्री जनपद पंचायत नैनपुर
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