रेवांचल टाइम्स - जिले में महिला बाल विकास केंद्र के द्वारा संचालित ऑगनवाडी केंद्रों में हो रही अनिमित्ताये किसी से छिपी नही जहाँ प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार गांव गांव में केन्द्र संचालित है इन केंद्रों में गर्ववती महिला परित्यागता कुपोषित बच्चों की जानकारी लेकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करना होता है जिनमे की गांव से कुपोषण मुक्त किया जा सके और कुपोषित बच्चों को सरकार द्वारा पोषण आहार और अन्य वस्तुएँ दी जाती है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार परियोजना मोहगांव के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सिमैया पिछले कई दशकों से अत्यंत जर्जर अवस्था मे स्थित है वही कार्यकर्ता के द्वारा अनेक बार सुधरवाने के लिए आवेदन प्रतिवेदन कर चुकी है शायद विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है
जहां शासन प्रशासन इसकी सुध लेने को तैयार नही है एक ओर जहां ग्रामीण इस भवन में बच्चों को केंद्र में भेजने से डर रहे है वही स्वय भी क्षतिग्रस्त होने के कारण सामग्री वितरण में भय के कारण उपस्थित नही हो रहे है वही भवन का आलम यह है कि केंद्र अत्यंत जर्जर अवस्था मे है जो कभी भी गिर सकता है भवन में कई जगहों पर दरार की स्थिति है बारिश होने पर पूरे फर्श पर पानी भर जाता है जिससे केंद्र में रखी समस्त सामग्री खराब हो जाती है केंद्र की कार्यकर्ता जानकी बैरागी द्वारा पूछे जाने पर पाया गया है कि पिछले 1 वर्ष से माननीय कलेक्टर महोदय परियोजना महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी व पंचायत को समय समय पर लगातार अवगत कराती आई हूँ और प्रस्ताव दिये गए किन्तु आज तक दिनांक तक किसी भी प्रकार से भवन निर्माण व सुधार हेतु विभाग से कोई भी प्रयास नही किया गया है बल्कि भवन संबंधित समस्त अनियमितताओं का बोझ भी मेरे ऊपर लादकर बार बार नोटिस प्रदान कर सेवा से पृथक करने की धमकी भी दी जाती है।


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