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Friday, September 4, 2020

पीडीएस चावल घोटाला बना जी का जंजाल, प्रदेश की राजनीति में पकने लगा चावल घोटाला


रेवांचल टाइम्स - मण्डला पीडीएस चावल घोटाला बना जी का जंजाल, प्रदेश की राजनीति मे मध्यप्रदेश के मण्डला जिले में पीडीएस चावल घोटाला अब जगजाहिर हो उठा हैं गरीबो के मुँह के कडवाहट भरे स्वाद की पुष्टि केंद्रीय जांच के निकले परीक्षण में चावल अमानक स्तर का पाया गया हैं । इसी के साथ मण्डला के पड़ोसी जिला बालाघाट में भी यह चावल घोटाला अब जिम्मेदारी सम्हाले नोकरशाहो के लिए जी का जंजाल बन गया हैं।
                  बीते दिवस इस घोटाले की आंच से मण्डला में भी बड़ी कार्यवाही मण्डला कलेक्टर ने करते हुये चावल घोटाला पर एक्शन लेते हुये संगम वेयरहाऊस को सील कर दिया गया है। इसी प्रकार राईस मिलों द्वारा मिलिंग के उपरांत एफएक्यू (मानक स्तर) का चावल जमा न कर सीएमआर हेतु किए गए अनुबंध का उल्लंघन करने पर 14 राईस मिलों को सील कर दिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर हर्षिका सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संगम वेयरहाऊस में पाई गई अनियमितताओं की सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाकर प्रतिवेदन समुचित कार्यवाही हेतु शासन को भेजा गया है। साथ ही प्रकरण की विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक मंडला को पत्र लिखा गया है।
               मण्डला जिला में एक लंबे अरसे से चावल के घटिया स्तर की आम जुवानी चर्चा यहाँ उपभोगी तबका कर रहा था पर बापू के तीन वानरों के स्टेच्यू की तरह गरीबो की व्यथा को सुनने वाला कोई था ही नही और अब भ्रष्टाचार जब उजागर हो ही गया हैं तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट और मंडला जिले में पीड़ीएस के चावल घोटाले की तह तक कि जांच की खोजखबर के लिए  ईओडब्ल्यू  को जांच की कमान सोपे जाने की खबर आई हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटिया चावल  घोटाले मामले के दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दे दिए है।
जानवरों का अनाज जनता को खिला रही भाजपा सरकार-राकेश
घटिया अनाज मामले में कांग्रेस का हल्ला बोल-ज्ञापन सौंपकर की जांच की मांग
               कोरोना संकटकाल में गरीबों को बांटे गए घटिया अनाज के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मैदान में आकर जोरदार विरोध किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एड राकेश तिवारी ने कहा कि जिले में गरीबो को बांटे गए अनाज की गुणवत्ता इतनी घटिया व निम्न है कि इसे जानवरों को भी नहीं खिलाया जा सकता। यह हम नहीं यह केंद्र सरकार की जांच कमेटी खुद कह रही है। अभी तो एक गोदाम की जांच हुई है यदि जिले के सभी गोदामों की जांच हो जाये तो हर गोदाम से घटिया अनाज निकलेगा।
              जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एड राकेश तिवारी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर टीम गठन कर जिले के सभी गोदामों में भंडारित अनाज की जांच की मांग की गई। सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि केंद्रीय जांच टीम की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि राशन दुकानों से बीते माहों में गरीबों को वितरित किया गया पीडीएस का अनाज अत्यंत घटिया क्वालिटी का है। समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेखित है कि इस अनाज की गुणवत्ता इतनी अधिक घटिया है कि इसे जानवरों को भी नहीं खिलाया जा सकता है। इस घटिया व अमानवीय कृत्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों सहित मिलर्स पर कठोर से कठोर कार्यवाही की आवश्यकता है। जिले में जिस धान से चावल बनाया जाता है वह किसानों से खरीदी जाती है और उसका एक एक दाना चुनकर खरीदा जाता है जब खरीदी गई धान उच्च क़्वालिटी की रहती है तो उससे मिलिंग किया गया चावल घटिया कैसे हो जाता है यह जांच का विषय है।
           उन्होंने कहा कि इसमें नागरिक आपूर्ति निगम, खाद्य विभाग की मिलर्स के साथ मिलीभगत स्पष्ट उजागर हो रही है। चावल को गोदाम में भंडारित करने के पूर्व इसकी गुणवत्ता जांच भी होती है यदि यह जांच सही की गई होती तो घटिया चावल निकलने का प्रश्न ही नही रहता। इस पूरे प्रकरण में विभागीय अधिकारियों की मिलर्स के साथ मिलीभगत स्पष्ट उजागर हो रही है। इस हेतु जिले के सभी गोदामों में भंडारित अनाज की गुणवत्ता जांच एक टीम गठित कर पुनः कराई जाये, एवं दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाकर कार्यवाही की जाए।
             वहीं कृषि उपज मंडी समिति मण्डला द्वारा दिनांक 27/08/2020 को एक आदेश जारी किया गया है जिसमे व्यापारियों द्वारा पीडीएस राशन का अनाज खरीदने को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है लेकिन पीडीएस के अनाज के चिन्हांकन व पहचान को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किये गए हैं जिससे व्यापारी वर्ग भ्रमित हैं कि वे कौनसा अनाज खरीदें और कौनसा नहीं खरीदें। इस हेतु राशन के अनाज की स्पष्ट परिभाषा भी नहीं बताई गई है। एक ही व्यक्ति दुकानदार भी हो सकता है और वही व्यक्ति किसान भी हो सकता है और वही विक्रयकर्ता होने के साथ राशन के अनाज का पात्र भी हो सकता है। ऐसी स्तिथि में व्यापारी वर्ग अत्यधिक परेशान होगा और उन्होंने व्यापार बंद करने की चेतावनी भी जारी की है। इसलिए कृषि उपज मंडी समिति द्वारा जारी उक्त आदेश तब तक के लिए निरस्त किया जाए जब तक पीडीएस राशन के अनाज की स्पष्ट पहचान या चिन्हांकन जारी न की जाए।
             ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि दोनो मांगे जनहित व कृषक हित मे होने के साथ मानवीयता के परिपेक्ष्य से भी अत्यंत संवेदनशील हैं। अतः तत्काल जांच टीम गठित करके जांच प्रारम्भ करवाई जाए अन्यथा कांग्रेस पार्टी के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
           
               यहाँ बता दें की यह मामला सबसे पहले भोपाल से प्रकाशित एक अंग्रेजी दैनिक में उठाया गया था तथा उसके बाद अन्य माधयमो से इसे उठाया गया और इस घोटाले की परते खुलती गई

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