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Monday, September 28, 2020

पटवारियों की मंशा पर फिर रहा है पानी..... अब प्रदेश अध्यक्ष का ही विरोध करने तैयार में जुटे पटवारी...

 



रेवांचल टाइम्स - मध्य प्रदेश के तमाम पटवारी वर्ष में एक दो बार सरकार के खिलाफ लामबंद होकर खड़े हो जाते हैं कभी वेतन वृद्धि को लेकर तो कभी अपनी अपनी सुरक्षा को लेकर तो कभी अन्य मांगो की आड मे प्रदेश के पटवारी मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बेनर तले सरकार के खिलाफ  हड़ताल में चले जाते हैं मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा सरकार के खिलाफ यह आंदोलन का सिलसिला पिछले दशक से चला आ रहा है लेकिन लेकिन प्रदेश के तमाम पटवारियों में एकरूपता नहीं होने के चलते और अपनी मांगों पर पटवारी स्वयं संगठित नहीं होने के चलते मांगे अक्सर पूरी नहीं हो सकी है और यही कारण है कि लगातार पिछले दशक से मध्य प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले प्रदेश के पटवारी साल में एक दो बार सरकार के विरोध में खड़े हो जाते हैं और नतीजा कुछ नहीं निकलता पहले भी मध्य प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले  प्रदेश के पटवारी सरकार के खिलाफ लामबंद होते थे लेकिन सरकार के खिलाफ मजबूती से विरोध नहीं जताने के कारण मांगे पहली भी पूरी नहीं हो सकी लेकिन मांग पूरी नहीं होने का ठीक रहा हमेशा से मध्य प्रदेश पटवारी संघ के पदाधिकारी यो के द्वारा भोपाल में पदस्थ पटवारी मुकुट सक्सेना जो  मध्य प्रदेश जागरूक पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के माथे ठीकरा फोड़ने का काम कर दिया जाता था लेकिन पिछले तीन-चार सालों से मध्यप्रदेश जागरूक पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकुट सक्सेना के द्वारा प्रदेश के पटवारियों को जागरूक करने का कार्य बंद कर दिया गया । बस कारण यही था की अच्छी बात सभी को अच्छी नहीं लगती और शायद यही कारण है कि मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा हमेशा सरकार के विरोध में अपनी मांगों को मनवाने के लिए कभी हड़ताल तो कभी रेलिया तो कभी सामूहिक अवकाश के साथ-साथ विरोध किया जाता रहा है और जब सरकार मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान में की जाने वाली हड़ताल और विरोध पर मांगे नहीं मानती थी  तो पूरा का पूरा फेल होने की जिम्मेदारी और आरोप मुकुट सक्सेना पर थोप दिया जाता था । जबकि मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा सरकार से मांग मंगवाने का  का तरीका मध्यप्रदेश जागरूक पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकुट सक्सेना को पसंद नहीं था। पिछले चार-पांच सालों से मध्य प्रदेश पटवारी संघ के सरकार विरोधी अभियानों से और प्रदेश के अन्य पटवारियों से साझा की जाने वाली बातों और जानकारियों से मध्य प्रदेश जागरूक पटवारी संघ और उनके पदाधिकारी संपर्क से दूर है इसके बावजूद साल में एक दो बार मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा अपनी मांगों को लेकर सरकार  के विरोध में आमने सामने आ ही जाते हैं नतीजा ने वही रहता है जो पहले होता था मजबूत नेतृत्व के अभाव में हमेशा ही हड़ताल है और सरकार से अपनी मांग मंगवाने का  विरोध करना असफल रहा है अब प्रदेश के तमाम पटवारी अपनी मांगों में विफलताओं को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल का ही विरोध करने के लिए तैयार हो गए हैं तो वहीं कहीं कहीं जिलों में तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ की जिला का अपने पदों से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे रहे हैं तो कहीं पटवारी स्वयं प्रदेश अध्यक्ष से बहस करने के लिए फोन पर दो बातें हो रही हैं यूं कहें कि प्रदेश के तमाम पटवारी अब मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष और संघ पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं है और अब दोबारा अपनी मांगों को लेकर यह सरकार से विरोध जताने के लिए हड़ताल या फिर सरकार के विरोध में खड़े होने के लिए मध्य प्रदेश पटवारी संघ के साथ तैयार नहीं है।

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