हाईकोर्ट ने कहा- फीस माफ नही होगी - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Saturday, September 5, 2020

हाईकोर्ट ने कहा- फीस माफ नही होगी

उच्च न्यायालय से मिली निजी स्कूलों को अंतरिम राहतहाईकोर्ट ने कहा- फीस माफ नही होगी, देनी होगी ट्यूशन फीस

रेवांचल टाइम्स - पालकों को ट्यूशन फीस देना होगी अन्य सभी शुल्क लॉकडाउन के बाद देना होंगे
         आज मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री ए के मित्तल एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री विजय शुक्ला जी की युगल पीठ ने प्रदेश भर के निजी प्राइवेट स्कूल संघठनो
        की एसोसिएशन को अंतरिम आदेश के द्वारा राहत प्रदान की। उच्च न्यायालय द्वारा सभी निजी स्कूलों को अपने यहां अध्ययनरत छात्रों से ट्यूशन फीस वसूलने की छूट दे दी गई है एवं कोविड-19 महामारी खत्म होने के पश्चात, उनको बीच के छूटे हुए अंतराल की ट्यूशन फीस के अलावा, सभी मदों की फीस एवं अन्य शुल्क वसूलने की छूट भी दिया है। अधिवक्ता श्री पीयूष माथुर एवं अधिवक्ता श्री सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने पैरवी की।

ज्ञातव्य है कि प्रदेशभर के निजी स्कूलों का अपने यहां अध्ययनरत छात्रों एवं उनके अभिभावकों से लंबे अंतराल से कोर्ट में विवाद चल रहा था। लॉकडाउन के दरमियां राज्य शासन द्वारा विभागीय आदेश जारी किए गए थे, इसके अंतर्गत स्कूलों को मात्र ट्यूशन फी लेने का अधिकार था एवं अन्य मदों की फीस एवं शुल्क लेने की छूट प्राप्त नहीं थी इसके विरुद्ध प्रदेश के प्राईवेट स्कूल संघठनो ने मध्य प्रदेश द्वारा उच्च न्यायालय में जून 2020 में याचिका दायर की गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा आज प्रभावी आदेश जारी किए गए। आदेशित किया गया कि कोविड-19 महामारी के पश्चात स्कूल जब पुनः सुचारू रूप से संचालित होंगे, तब स्कूल अपने छात्रों एवं अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य सभी मदों के शुल्क एवं फीस वसूलने हेतु स्वतंत्र रहेंगे।

उच्च न्यायालय द्वारा यह भी आदेशित किया गया कि अशासकीय स्कूल ट्यूशन फीस की साथ अन्य शुल्क वसूलने हेतु अधिकृत नहीं होंगे। स्कूल 24 मार्च 2020 की स्थिति में जो ट्यूशन फीस अपने छात्रों से ले रहे थे, वही लेने हेतु स्वतंत्र रहेंगे। अगर इस तारीख के पश्चात किसी भी तरह का की बढ़ोतरी ट्यूशन फीस में की गई है तो वह लागू नहीं होगी ।

सभी स्कूल संचालकों को 10 सितंबर 2020 तक शपथ पत्र उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा कि वे ट्यूशन फीस के अलावा कोविड-19 किसी भी अन्य चार्ज अथवा शुल्क अपने छात्रों से नहीं लेंगे। जो भी चार्ज अथवा शुल्क ट्यूशन फी के अलावा होगा वह कोविड-19 महामारी के पश्चात छात्रों से वसूला जा सकता है। न्यायलय के आदेश का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि सभी पालक जिन्होंने अभी तक शुल्क भुगतान नहीं किया है वे कृपया अपने बच्चे के विद्यालय में शिक्षण शुल्क का भुगतान अविलंब करें जिससे विद्यालयों के आवश्यक खर्चों को करने में सम्भव हो सकें।                                                                                                                                                                                            सभी संचालक अपने अपने स्कूल के अभिभावकों को सूचित करे।

No comments:

Post a Comment