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Wednesday, September 9, 2020

सिवनी अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर पर्दा क्यों डाल रहा जिला प्रशासन

यूथ विंग समर्पण युवा संगठन जिले के सम्पूर्ण स्वास्थ्य केंद्रों की हो जांच स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से नवजात ने तोड़ा दम
रेवांचल टाइम्स सिवनी:- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहरई की लापरवाही के कारण ग्राम मऊ के निवासी विपिन टेमरे की पत्नी को डिलेवरी के दौरान अपने नवजात शिशु से हाँथ धोना पड़ा है।
इतना ही नहीं शोकाकुल परिवार को किसी भी तरह की मदद ना मिलना तो शर्म की बात है ही साथ ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चलाईं जा रही तमाम योजनाओं पर पानी फेरती प्रशासनिक और राजनीतिक अपंगता का प्रतीक है।
ग्राम धारना कला की साधना ठाकुर महिला के साथ भी इसी तरह की घटना सामने आई जहाँ शिशु के जन्म के तुरंत बाद उसे स्वास्थ केंद्र से छोड़ दिया गया घर आने जिसकी अत्यधिक ब्लीडिंग के हालत बिगड़ गई बमुश्किल उस महिला की जान बचाई गई। 
ज्ञात है कि कुछ दिनों पूर्व मरीजों की पीड़ा को समझते हुए यूथ विंग समर्पण युवा संगठन द्वारा जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं के विरोध में जिला कलेक्टर सिवनी, एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी को ज्ञापन सौपा गया है।

लेकिन शिकायत करने के लगभग 15 दिन बाद भी जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आखिर क्यों ??
सवाल तो ये है कि जब जिले के बड़े अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था चरमराई हुई है तो ग्राम वासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद से क्या उम्मीद करें।

हाल में ही जिला अस्पताल का मामला भी सामने आया है।
जिसमें हार्ट अटैक आने पर असहनीय दर्द में अपने परिवार के साथ दिलीप यादव अस्पताल पहुंचे तो उसी दर्द में उन्हें जाँच के लिए पैदल चलाकर ऊपर ले जाया गया लेकिन ऊपर पहुँचते ही उनसे बोला गया कि यहां की मशीन खराब है नीचे जाकर ही जाँच करवाओ।
हार्ट अटैक जैसी गम्भीर हालत में उक्त पेशेंट को चलाकर फिर नीचे लाया गया ये जिला अस्पताल कहलाने वाले अस्पताल में एक हार्ट अटैक के मरीज को व्हील चेयर या स्ट्रेचर नसीब नहीं हुआ।
ज्ञात हो कि मार्च महीने से खराब पड़ी सोनोग्राफी ECO मशीन से क्या जाँच होगी ?
और जब जाँच ही नहीं तो उपचार कैसा होगा ?
ये चिंतनीय विषय है।
जिला प्रशासन का जिला अस्पताल की ऐसी निष्क्रियता पर ध्यान न देना इसे नजर अंदाज करना अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
सिवनी जिला अस्पताल को जहाँ एक ओर कायाकल्प, आयुष पुरुस्कार मिले है तो क्या इसकी आरती उतारी जाए जबकि प्राथमिकता इसे आंतरिक रूप से भी कायकल्पित करने की है इसकी अंदरूनी चल रही धांधलियों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं ?
मरीजों की जिंदगी से खेलते ऐसे अनेक मामले आये दिन सामने आ रहे हैं।
लेकिन गरीबों की सुनने वाला शायद कोई नहीं बचा इस जिला अस्पताल के नाम के आगे छोटी पड़ती आमजन की जिंदगियां क्यों मजबूर हैं नागपुर, जबलपुर भागने के लिए।
पर जो परिवार बाहर जाने के खर्चे को वहन नहीं कर सकते क्या उनकी जिंदगियों की कोई कीमत नहीं ?
जबाब दें जिला अस्पताल और इसके जिम्मेदार, ठेकेदार।
संगठन पुनः जिला प्रशासन से आग्रह करता है कि सिवनी जिला अस्पताल के साथ साथ पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की जांच की जाए ताकि लापरवाहीयों का सच सामने आ सके।
और गरीब पीड़ित मरीजों के साथ इंसाफ हो सके और अगर ऐसा नहीं हुआ तो जल्द ही सिवनी जिले में विशाल आंदोलन किया जाएगा।

रेवांचल टाइम्स से मुकेश जायसवाल की रिपोर्ट

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