रेवांचल टाइम्स - जिले में हर तरफ रेत, मुर्र्म पत्थर का अबैद्ध कारोबार फल फूल रहा है। जिम्मेदार अधिकारी नाम मात्र के लिए कुछ स्थानों पर कुछ वाहनों पर कार्यवाही कर खानापूर्ति कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।मामला जनपद पंचायत नैनपुर की ग्राम पंचायत खुर्सीपार का है।इस पूरे गाँव मे हर जगह अलग अलग स्थानों में खेत सुधारने के बहाने पत्थर खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। पत्थर खनन कर ट्रेक्टरों से पत्थरों को स्थानीय क्रेशरों में परिवहन किया जा रहा है। 5 से 10 फिट तक गहरा गढ़ा बना रहे हैं। हल्का पटवारी को इस बात की पूरी जानकारी है।इसके बाबजूद भी इन पर कोई कार्यवाही न होना विचारणीय है।ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव कोटवार सभी को अबैद्ध खनन एवम परिवहन की पूर्ण जानकारी है।लेकिन सभी खामोश है। इनके द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को क्यों जानकारी नही दी गयी ।इनकी खामोशी से ऐसा प्रतीत होता की सभी की मिली भगत से अबैद्ध खनन एवम परिवहन कार्य संचालित है।मनरेगा में काम न मिलने के कारण ग्रामीण पत्थर खनन का जोखिम भरा कार्य करने को मजबूर हैं।इनकी मजबूरी का फायदा अबैद्ध खनन कर्ताओं के द्वारा उठाया जा रहा है।दो सौ रुपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से मज़दूरों को भुगतान किया जाता है।दिन भर जोखिम भरे कड़ी मेहनत का उचित दाम भी इन मजदुरों को नही मिल रहा है।


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