नितिन मुरकुटे ने अनाज व्यापारियों पर लगाया पीडीएस अनाज की अफरा तफरी के आरोप मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर की जांच की मांग।
रेवांचल टाइम्स बालाघाट। हाल ही में मीडिया जगत में मिलर्स चावल घोटाले के बाद लांजी में पीडीएस के गेहूं के संदेह में एक वाहन को 300 से अधिक बोरियों के साथ पकड़ कर पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था, वही समाचारों की सुर्खियां बनी रही गौरी शंकर एंड ब्रदर्स द्वारा 50 टन गेहूं को आंध्र प्रदेश भेजा जाना जिसके बाद अब विश्व भगवा रक्षक के प्रदेश महामंत्री नितिन मुरकुटे ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन सौंप कर पीडीएस का अनाज व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से बिक्री कर मुनाफा कमाने के मामले की जांच कराने की अपील की है।
शासन की अनाज वितरण प्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश महामंत्री मुरकुटे ने कहा है कि उक्त वितरण प्रणाली में प्रशासन की निरंकुशता और व्यापारियों के साथ सांठगांठ से शासन द्वारा दिया जाने वाला अनाज इनके गोदाम तक पहुंचता है जिससे प्रशासन और व्यापारी मस्त है।
अधिकारियों व व्यापारियों में सांठगांठ लांजी तहसीलदार आ0पी0मार्गों को 15 सितंबर 2020 को सोफे द्वारा ज्ञापन के माध्यम से नितिन मुरकुटे द्वारा कहा गया है कि लांजी में आए दिन अनाज के व्यापारियों द्वारा पीडीएस का चावल, गेहूं अनाज जोकि शासन द्वारा गरीबों को दिया जाता है उसे व्यापारियों द्वारा खरीद कर दूसरे राज्यों में बेचकर मोटी रकम कमाते हैं और यह सिलसिला निरंतर चलता रहता है। वहीं प्रशासन पर सीधे तौर आरोप लगाते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकारी व कर्मचारी छापामारी के नाम पर लीपापोती करन आज की अफरा तफरी करते हैं जिसके कारण व्यापारियों के हौसले बुलंद है क्योंकि व्यापारियों कि समझ में आता है की पकड़ आया हुआ अनाज भी शासन प्रशासन की सांठगांठ से चलता रहता है और यह गोरख धंधा हमेशा चल मेंता रहेगा।
अधिकारियों पर उठाए सवाल उक्त ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि हाल ही में अनाज व्यापारी सोमनाथ ट्रेडर्स द्वारा अनाज से भरा हुआ ट्रक लांजी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा पकड़ा गया, जिसमें अनाज की जांच के लिए अनाज निरीक्षक को दिया गया, यहां पर प्रशासन की लापरवाही नजर आती है । आगे बताया गया है की 300 बोरी का अनाज क्रय कर व्यापारी दूसरे राज्य को बेचने के लिए चल पड़ता है, अगर यही कार्य शासन द्वारा सौंपे पर गए अधिकारी अर्थात अनाज निरीक्षक समय समय पर इन व्यापारियों के अनाज का निरीक्षण करते रहते तो ऐसी स्थिति ही निर्मित नहीं होती।
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट


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