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Tuesday, August 18, 2020

जिला आयुष अधिकारी मण्डला ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर



रेवांचल टाइम्स मण्डला :- शासकीय आयुर्वेद होम्योपैथिक कर्मचारी संघ म.प्र.के प्रदेश महासचिव राधेलाल नरेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डॉ.पी.डी.गुप्ता जिला आयुष अधिकारी मण्डला के द्वारा मेरे विरुद्ध एकतरफा प्रतिवेदन आयुक्त संचालनालय भोपाल को भेजा गया तथा उनके द्वारा आदेश क्रमांक/एफ-328/2020/03/शिका./174-179 भोपाल, दिनांक 14.03.2020 जारी कर मुझे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है । म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल के ज्ञापन क्रं./1709/सी.आर. 260-एफ (3) 168 दिनांक 26.09.1968 द्वारा आदेशित किया गया है कि निलंबित शासकीय कर्मचारी का निर्वाह भत्ता किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जा सकता है । निलंबित कर्मचारी का निर्वाह भत्ता रोकने वाले अधिकारी के विरुद्ध म.प्र.सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन एफ क्रमांक 6.2.77.3.1 दिनांक 27.08.1977 द्वारा जारी निर्देश के अनुसार निर्वाह भत्ता न देने वाले अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के आदेश जारी किए गए हैं । मुझे आयुक्त के आदेश दिनांक 13 03.2020 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है,किन्तु जिला आयुष अधिकारी मण्डला ने मुझे एवं मेरे परिवार को भूखों मारने के उद्धेश्य से आज तक निर्वाह भत्ता जारी नहीं किया है । डाँ.पी.डी.गुप्ता के निलंबित रहने के दौरान प्रभारी जिला आयुष अधिकारी मण्डला ने मुझे निर्वाह भत्ता प्रदान करने हेतु आदेश क्रमांक/स्था./2020/1444-50 मण्डला, दिनांक 03.07.2020 जारी कर निर्वाह भत्ते की स्वीकृति प्रदान की थी । डाँ. पी.डी.गुप्ता के जिला आयुष अधिकारी मण्डला का प्रभार लेते ही प्रभारी जिला आयुष अधिकारी मण्डला आदेश दिनांक 03.07.2020 निरस्त कर निर्वाह भत्ता रोक दिया गया है । निलंबित शासकीय कर्मचारी को निर्वाह भत्ता न देना एक आपराधिक कृत्य तो है ही साथ ही साथ उसे तथा उसके परिवार को भूखा मारना भी इंगित करता है । मेरा पूरा परिवार भूखों मरने की कगार पर पंहुच चुका है, बच्चों की शिक्षा तबाह हो गई है । वर्तमान स्थिति में मैं एवं मेरा परिवार आत्महत्या की ओर बढ़ रहा है तथा कभी भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती हैं । उपरोक्त संबंध में डाँ.पी.डी.जिला आयुष अधिकारी मण्डला के विरुद्ध एक आदिवासी कर्मचारी तथा उसके परिवार को आत्महत्या करने हेतु प्रेरित करने के कारण आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई ।

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