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Friday, August 21, 2020

आयुष अधिकारी के विरुद्ध अधीनस्थ कर्मचारी को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में पुलिस चौकी में दी गई लिखित शिकायत



रेवांचल टाइम्स-  मंडला की जनपद पंचायत बिछिया  के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोकर के शासकीय आयुर्वेद औषधालय में पदस्थ प्रभारी औषधि संयोजक एवं होम्योपैथिक कर्मचारी संघ म.प्र.के प्रदेश महासचिव राधे लाल नरेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डॉ.पी.डी. गुप्ता जिला आयुष अधिकारी मण्डला के द्वारा उनके विरुद्ध एक तरफा प्रतिवेदन आयुक्त संचालनालय भोपाल को भेजा गया व उनके द्वारा आदेश क्रमांक एफ- 328/2020/03/शिका./174-179 भोपाल, दिनांक 13.03.2020 को जारी कर श्री नरेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैं।म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल के ज्ञापन क्रं./1709/सी.आर. 260-एफ (3) 168 दिनांक 26-09- 1968 द्वारा आदेशित किया गया हैं कि निलंबित शासकीय कर्मचारी का निर्वाह भत्ता किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जा सकता हैं।निलंबित कर्मचारी का निर्वाह भत्ता रोकने वाले अधिकारी के विरुद्ध म.प्र.सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन एफ क्रमांक 6.2.77.3.1 दिनांक 27-08-1977 द्वारा जारी निर्देश के अनुसार निर्वाह भत्ता न देने वाले अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के आदेश जारी किए गए हैं।श्री नरेटी को आयुक्त के आदेश दिनांक 13-03-2020 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया हैं, किन्तु जिला आयुष अधिकारी मण्डला ने श्री नरेटी एवं उनके परिवार को भूखे मारने के उद्धेश्य से खबर लिखने दिनांक तक निर्वाह भत्ता जारी नहीं किया हैं।बता दें कि डॉ.पी.डी.गुप्ता के निलंबित रहने के दौरान प्रभारी जिला आयुष अधिकारी मण्डला ने राधे लाल नरेटी को  निर्वाह भत्ता प्रदान करने हेतु आदेश क्रमांक/स्था.2020/1444-50 मण्डला,दिनांक 03-07-2020 को जारी कर निर्वाह भत्ते की स्वीकृति प्रदान की गई थी,परंतु डॉ.पी.डी.गुप्ता के जिला आयुष अधिकारी मण्डला का प्रभार लेते ही प्रभारी जिला आयुष अधिकारी मण्डला का आदेश दिनांक 03-07-2020 को निरस्त कर निर्वाह भत्ता रोक दिया गया हैं। निलंबित शासकीय कर्मचारी को निर्वाह भत्ता न देना एक आपराधिक कृत्य हैं साथ ही उसके तथा उसके परिवार को भूखा मारना को भी इंगित करता हैं।श्री नरेटी ने बताया कि उनका पूरा परिवार भूखे मरने की कगार पर पंहुच चुका हैं व उनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा भी तबाह हो गई हैं।वर्तमान स्थिति में उनका परिवार आत्महत्या की ओर बढ़ रहा हैं तथा कभी भी कोई भी अप्रिय घटना निर्मित हो सकती हैं। उपरोक्त संबंध में डॉ. पी.डी. गुप्ता जिला आयुष अधिकारी मण्डला के विरुद्ध एक आदिवासी कर्मचारी तथा उसके परिवार को आत्महत्या करने हेतु प्रेरित करने के कारण आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु श्री नरेटी के द्वारा पुलिस चौकी अंजनिया में प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं।श्री नरेटी ने जिला प्रशासन से मांग की हैं कि उक्त मामले को संज्ञान में लेकर डॉ.पी. डी.गुप्ता के विरुद्ध निर्वाह भत्ता रोकने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर उन्हें निर्वाह भत्ता दिया जाए।

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