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Monday, August 31, 2020

जिले में अधिक बारिश के चलते मचा हाहाकार किसान संघर्ष समिति ने आज अनुविभगीय अधिकारी महोदय को ग्रामींण ने ज्ञापन सौपा



रेवांचल टाइम्स सिवनी  - जिले में अधिक बारिश से मची तबाही के चलते फसलें सोयाबीन ,मक्का ,उड़द,मुंग तथा सब्जियों की फसल अतिवृष्टि ,पीला मोजैक तथा अफलन  से खराब हो गई है। खेतों में जलभराव से सोयाबीन की फसल  तथा मक्का की फसल गिरकर खराब हो गई है एवं मकानों की भी क्षति हुई है परंतुअभी तक कृषि विभाग द्वारा कोई सर्वे की कार्यवाही नहीं हुई है ।
       आपसे अनुरोध है कि तुरंत सर्वे कराने का निर्देश जारी करें ताकि अगले एक सप्ताह में सर्वे का कार्य पूरा हो सके। सर्वे के दौरान किसान की उपस्थिति अनिवार्य की जाए तथा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों की जानकारी में हो। सर्वे की सूचना मुनादी करके गांव में दी जाए । मुआवजा क्रॉप कटिंग सर्वे के बाद ही दिया जाता है लेकिन क्रॉप कटिंग सर्वे हर गांव में सिर्फ 2 किसानों का ही किया जाता है। इस व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है क्योंकि इससे  सही आकलन नहीं हो पाता। मुआवजा राशि भी बहुत कम दी जाती है।
         आपको स्मरण होगा पिछले वर्ष जब आप विपक्ष में थे तब आपने कमलनाथ सरकार से अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का 40 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा की मांग की थी। अब राज्य में आपकी सरकार है इसलिए आप अपनी मांग पर अमल करते हुए 40 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिलाने का कष्ट करें।
       अनावारी मापने की इकाई किसान का खेत हो, यह मांग लंबे समय से किसान संघर्ष समिति द्वारा की जा रही है। इसके बावजूद भी पटवारी हल्के को ही माना जा रहा है जो सरासर नाइंसाफी है तथा न्यूनतम किसानों को मुआवजा देने का एक तरीका है। फसल बीमा कंपनियों के पास समय से कृषि विभाग और राजस्व विभाग द्वारा रिपोर्ट ना भेजे जाने के कारण किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। सरकार यह सुनिश्चित करें कि क्रॉप कटिंग के एक सप्ताह के भीतर फसल बीमा कंपनियों के पास हर किसान का प्रकरण पहुंच जाए ।
         कोरोना संक्रमण की स्थिति सुधर जाने पर ग्राम सभा से क्रॉप कटिंग सर्वे का अनुमोदन करना आवश्यक बनाया जाना चाहिए।
     कृषि विभाग और राजस्व विभाग द्वारा सर्वे का कार्य लापरवाही पूर्ण , भेदभाव पूर्ण और भाई भतीजावाद पर आधारित होता है । यह आरोप लगातार किसानों द्वारा लगाए जाते रहे हैं । अविश्वास की स्थिति के कारण गांव गांव के किसान अपनी फसल लेकर तथा अपने गांव का ज्ञापन देकर तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर होते रहे हैं। इसीलिए पारदर्शी तरीके से सर्वे का कार्य किया जाना चाहिए।
   हमारा यह भी अनुरोध है कि सर्वे की सूचना किसान संघर्ष समिति को भी समय से उपलब्ध कराई जाए ताकि किसानों के बीच सर्वे की सूचना पहुंचाई जा सके।
           आपसे अनुरोध है कि तत्काल खराब फसल का सर्वे कराने तथा मुआवजा दिलाने हेतू आवश्यक निर्देश जारी करने का कष्ट करें।
ज्ञापन अनुविभगीय अधिकारी  महोदय जी ग्रामींण को सौपा गया जिसमें   सर्व श्री मेहतराम पटेल,तीरथ प्रसाद सनोडिया ,धीरजकुमार ,गंगाराम सनोड़िया,ओमप्रकाश जन्घेला,गीता जन्घेला ,जीतसिंग पटेल,रुपलाल झील पिपरिया ,रामप्रसाद सनोड़िया ,गयाप्रसाद जन्घेला,चतुर्भुज सनोड़िया,राधेश्याम सनोड़िया,कृष्ण कांत ,धनंजय,प्रदुमान,सुनील बघेल ,मुकूंद जन्घेला,डा राजकुमार सनोडिया आदि का सहयोग  सरहनीय रहा ।
किसान संघर्ष समिति

अखिलेश बंदेवार एवं विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट

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