मंदिर नहीं अधिकार चाहिए शिक्षा और रोजगार चाहिए
बालाघाट| राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयोजक राजकुमार नागेश्वर एवं उनके सहयोगी द्वारा 18 सूत्रीय मांगो को लेकर जिला दंडाधिकारी बालाघाट को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोप कर निम्न मांग किया गया है
वर्ष 2021 की जनगणना में ओ बी सी की जनगणना अर्थात जाति आधारित जनगणना कराई जावे
ओबीसी के क्रीमी लेयर के साथ सैलरी एवं एग्रीकल्चर इनकम जोड़ने की साजिश को बंद किया जावे तथा असंवैधानिक ए क्रीमीलेयर को पूर्ण रुप से खत्म किया जाव ओबीसी को संख्या के अनुपात में 52% आरक्षण लागू किया जावे
न्यायपालिका मैं भी आरक्षण व्यवस्था लागू किया जाव निजी करण में आरक्षण व्यवस्था किया जाए नीड में ओबीसी को आरक्षण लागू किया जाए वह भी सीखें छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति पर लगी रोक को हटाया जावे
रिजर्वेशन इंप्लीमेंटेशन एक्ट बनाया जाए उच्च शिक्षा व्यवसायिक तथा तकनीकी शिक्षा में ओबीसी को निशुल्क कोचिंग निशुल्क शिक्षा तथा आरक्षण सुनिश्चित किया जावे
उद्योगों लघु तथा कुटीर उद्योगों एवं ठेकेदारी के लाइसेंस में ओबीसी आरक्षण प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जावे
ओबीसी को संख्या के अनुपात में भूमि आवंटन किया जावे
केंद्र एवं राज्य सरकारों में ओबीसी को पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जावे
ओबीसी के लिए भी सुरक्षा कानून बनाया जावे
तमाम राज्यों में पिछड़े वर्ग को 27% आरक्षण भी लागू नहीं किया गया है ऐसे राज्यों सहित सभी राज्यों मैं ओबीसी को संख्या के अनुपात में आरक्षण लागू किया जावे
मंडल कमीशन की सभी सिफारिशों को लागू किया जावे
ओबीसी महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल किया जावे
साकेत प्राचीन बौद्ध विरासत है यह पिछड़े वर्ग की गौरवशाली विरासत है इसको ब्राह्मणों के नाजायज अतिक्रमण से मुक्त कराया जावे
उपरोक्त पिछड़ा वर्ग के हित में मुद्दों की तरफ ध्यान देकर पिछड़े वर्गों को अधिकार देने के बजाय सरकार ओबीसी को मंदिर का झुनझुना पकड़ वाना चाहती है
उक्त ज्ञापन सौपते समय संयोजक राजकुमार नागेश्वर के साथ करण नगपूरे गुड्डू ढोमडे सुनील मेश्राम उपस्थित थे
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे

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