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Tuesday, August 25, 2020

जिला आयुष अधिकारी मण्डला डॉ पी.डी.गुप्ता के द्वारा पुनः कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन



रेवांचल टाइम्स मण्डला :- मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष जिला आयुष शाखा मण्डला राधेलाल नरेटी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि एक महीने के अंतराल के बाद मण्डला जिले में आयुष विभाग के छोटे कर्मचारी पुनः पीड़ित और प्रताड़ित होने लगे हैं  यह कार्य निलंबित जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर पी.डी.गुप्ता ने बहाल होते ही फिर से शुरु कर दिया है ज्ञातव्य होवे कि डॉ.पी.डी.गुप्ता की स्वेच्छाचारिता एवं निरंकुशता के कारण विभाग के कर्मचारी उनसे बहुत त्रस्त थे । उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं उच्चाधिकारियों को अनेकों ज्ञापन एवं पत्रादि दिये गए एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने उन्हें रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा, और सचिव आयुष मंत्रालय द्वारा उनकी लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित भी कर दिया गया । इस प्रकार उनके जाने के बाद जिले के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली,किन्तु खेद का विषय है कि उन्हें पुनः दुबारा यहीं पर फिर से बहाल कर दिया गया है । जबकि उनकी जांच जारी है । शासन के निर्देशानुसार निलंबित शासकीय सेवक को तब तक बहाल नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि वह निर्दोष साबित नहीं हो जाता है । विचारणीय तथ्य यह है कि उन्हें जहां से निलंबित किया गया था, वहीं पर बहाल कर दिया गया है,जो कि जांच का विषय है । यदि यह सब किया जाना था तो निलंबन का कोई औचित्य नहीं रह जाता है । इन सब बातों को लेकर म.प्र.राज्य कर्मचारी संघ जिला आयुष शाखा मण्डला प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि जिला आयुष अधिकारी डॉ.पी.डी.गुप्ता एवं औषधि संयोजक गौरा मरावीं को तत्काल जिला आयुष कार्यालय से हटाया जावे गौरतलब है कि, श्रीमति गौरा मरावीं द्वारा डाँ.पी.डी.गुप्ता के लिए कर्मचारियों से पैसों की मांग की जाती हैं, और उसके द्वारा किए जाने वाले नीति विरुद्ध कार्यो में स्थानीय स्तर पर पूरा सहयोग मुहैया कराया जाता है। डाँ.पी.डी.गुप्ता द्वारा श्रीमति गौरा मरावीं को नियम विरुद्ध तरीक़े से जिला कार्यालय में संलग्नीकरण करके रखा गया है । जबकि इनकी पदस्थापना शासकीय होम्योपैथिक औषधालय कालपी में है । यहा पर स्टाप कमी हैं और कोरोना संकटकाल को देखते हुए श्रीमति मरावीं का कार्यालय के स्थान पर औषधालय में रहना ज्यादा जरुरी हैं । ज्ञापन सौंपते समय राधेलाल नरेटी, धरमसिंह ध्रुर्वे, घनश्याम ज्योतिषी, नोखेदास सोनवानी, भानुप्रसाद उइके, उग्रसेन परते,श्रवण कुमार ध्रुर्वे, हेमकरण मरावीं, प्रफुल्ल पटेल, रघुनाथ ध्रुर्वे आदि पदाधिकारीगण उपस्थित रहे ।

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