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Thursday, July 9, 2020

यह कैसी विडंबना है, स्कूल कॉलेज बंद शराब दुकाने शुरू

बालाघाट। यह कैसी विडंबना है की भारत सरकार द्वार  कोरोना वायरस को बिंदु मानकर पूरे भारत देश में लॉकडाउन का कहर चला हुआ है क्या भारत सरकार द्वारा शराब दुकानों पर कोरोना वायरस का कहर नहीं है जो की शराब दुकानों पर सोशल डिस्टेंस सरी का उपयोग नहीं किया जा रहा है फिर भी भारत सरकार द्वारा शराब ठेकेदारों को शराब का ठेका दिया गया है क्या शराब दुकानों में क्रोरोना वायरस संक्रमित बीमारी के चलते शराब दुकानों में मास्को का उपयोग किया  जा रहा है जो भारत सरकार द्वारा स्कूल एवं कालेजों को कोरोनावायरस का बिंदु बता कर बंद किया गया है क्या शराब दुकान में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की अपेक्षा शराब पीने वालों की संख्या कम रहती है जो भारत सरकार द्वारा स्कूलों के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दिया जा रहा है जो बच्चों के भविष्य के साथ भारत सरकार द्वारा खिलवाड़ किया जाकर आगे आने वाली पीढ़ी को सरकार द्वारा धोखा जिया जा रहा है एवं उनके भविष्य के साथ में खिलवाड़ किया जा रहा है हमारे भारत देश में कई ऐसे गांव हैं जहां पर बिजली की रास्ता नहीं है और ना ही मोबाइल टावर की रास्ता है ऐसे में उन भारत देश के बच्चों के साथ क्या होगा
अगर करुणा वायरस एक संक्रमित बीमारी है तो परिंदे एवं जानवरों को अभी तक करुणा वायरस का प्रभाव क्यों नहीं पड़ा
जा कैसी बीमारी है जिससे सरकारी लोग और हीरो ठीक हो जाते हैं और आम जनता मर जाती है कोई भी व्यक्ति घर पर या रोड पर तड़पकर मरना नहीं चाहता आखिर हॉस्पिटल में ही मौत क्यों होती है यह कैसी बीमारी है कोई आज पॉजिटिव है तो कल बिना इलाज कराए नेगेटिव हो जाता है
गजब का कौरोना वायरस है जिसका कोई दवा नहीं है फिर भी 99 प्रतिशत लोग ठीक हैं यह कौन सी जादुई बीमारी है जिसके आने से सब बीमारी खत्म हो चुका है
क्या गजब की दुनिया है जो गरीब लोगों को कोरोना वायरस के नाम पर घर के चार दिवारी के बीच में रहने के लिए मजबूर किया गया है और
चुकी धन से परिपूर्ण लोग कोरोना वायरस काल युग में शराब पीकर अपना full time पास कर रहे हैं क्या इनके लिए क्रोरोना वायरस नहीं है इससे स्पष्ट साबित होता
 है की आगे आने वाले समय में फिर से अपना भारत देश गुलाम बनेगा
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा दिनांक 7 7 2020 के अनुसार पत्र क्रमांक 8 6 9 अनुसार विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को 5 पांच के ग्रुप में घर घर जाकर शिक्षकों के द्वारा पढ़ाया जाना है क्या यह संवैधानिक है या शराब दुकानों पर कम से कम 1 दुकानों में सौ सौ लोगों की कतारें मे  डाउन के बिना पालन किए  शराब खरीद रहे सो सत्य है
जो बच्चों के बुद्धि विकास केंद को बंद किया गया है और नागरिकों के विनाश केंद्रों को भारत सरकार द्वारा खोला गया है

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