नैनपुर -- सावन माह धार्मिक नजरिये से महत्वपूर्ण होता है जहाँ हम भगवान शिव की आराधना करते है वही इस माह दान का भी बड़ा महत्व होता है वही दूसरी और 33 करोड़ देवी देवताओं को अपने मे धारण करने वाली गो माता की नगर नैनपुर में दुर्गती हो रही है जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आ रहे है नतीजा यह है कि मूक या तो खुद चोटिल हो रहा है या आम जन मानस को कर रहा है वार्ड नं 3 उमरिया के ए टी एम में एक गो का बछड़ा प्रवेश कर गया जो की पानी मे भीगने की वजह कांप रहा था खबर मिलने पर गो सेवको के साथ मौके पर जा के देखा तो गो का बछड़ा नाज़ुक हालात में था मौके पर ही उसे राई का तेल में गुड़ मिला कर जबरदस्ती खीलाया गया और बोरे जला के उस गरमाहट दिलाई जब कुछ 1 घण्टे बाद वो सामान्य हालात में आया लगातार आ रहा पानी मे भीगने से बछड़ा के शरीर मे शीत भर गई जिस से वह गम्भीर हो गया था मौके पर मिले सब के सहयोग से बछड़े को गो शाला चंपा शंकर एम्बुलेन्स से छोड़ा गया मोके पर यदि कोई नही आता तो फिर बरसात में भीग कर ओर भी गम्भीर हो जाता जिससे बछड़े की जान भी जा सकती थी इसलिए देर रात उसे गो शाला में छोड़ दिया गया नगर में 4 दिन पूर्व भी 1 गो के बछड़े को एक वाहन चालक ने मार को खुद भी चोटिल हो गया था जिसे रात को 3 बजे मोके पर इलाज के बाद गो शाला छोड़ा गया था नगर में ये मूक खुद भी चोटिल हो रहे है और राहगीरों को भी कर रहे है पर जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन है सब कुछ संज्ञान में आने पर भी कार्यवाही क्यो नही की जा रही है आने वाले दिनों में ऐसा लगता है कि इन मूक पशुओ से ही नैनपुर एस डी एम,नगर पालिका cmo को मांग पत्र दिलाया जाना पड़ेगा जिससे प्रशासन इनके साथ न्याय करे
Tuesday, July 7, 2020
मूक पशुओ की हो रही दुर्गती, प्रशासन मौन
नैनपुर -- सावन माह धार्मिक नजरिये से महत्वपूर्ण होता है जहाँ हम भगवान शिव की आराधना करते है वही इस माह दान का भी बड़ा महत्व होता है वही दूसरी और 33 करोड़ देवी देवताओं को अपने मे धारण करने वाली गो माता की नगर नैनपुर में दुर्गती हो रही है जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आ रहे है नतीजा यह है कि मूक या तो खुद चोटिल हो रहा है या आम जन मानस को कर रहा है वार्ड नं 3 उमरिया के ए टी एम में एक गो का बछड़ा प्रवेश कर गया जो की पानी मे भीगने की वजह कांप रहा था खबर मिलने पर गो सेवको के साथ मौके पर जा के देखा तो गो का बछड़ा नाज़ुक हालात में था मौके पर ही उसे राई का तेल में गुड़ मिला कर जबरदस्ती खीलाया गया और बोरे जला के उस गरमाहट दिलाई जब कुछ 1 घण्टे बाद वो सामान्य हालात में आया लगातार आ रहा पानी मे भीगने से बछड़ा के शरीर मे शीत भर गई जिस से वह गम्भीर हो गया था मौके पर मिले सब के सहयोग से बछड़े को गो शाला चंपा शंकर एम्बुलेन्स से छोड़ा गया मोके पर यदि कोई नही आता तो फिर बरसात में भीग कर ओर भी गम्भीर हो जाता जिससे बछड़े की जान भी जा सकती थी इसलिए देर रात उसे गो शाला में छोड़ दिया गया नगर में 4 दिन पूर्व भी 1 गो के बछड़े को एक वाहन चालक ने मार को खुद भी चोटिल हो गया था जिसे रात को 3 बजे मोके पर इलाज के बाद गो शाला छोड़ा गया था नगर में ये मूक खुद भी चोटिल हो रहे है और राहगीरों को भी कर रहे है पर जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन है सब कुछ संज्ञान में आने पर भी कार्यवाही क्यो नही की जा रही है आने वाले दिनों में ऐसा लगता है कि इन मूक पशुओ से ही नैनपुर एस डी एम,नगर पालिका cmo को मांग पत्र दिलाया जाना पड़ेगा जिससे प्रशासन इनके साथ न्याय करे
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Revanchal Times Weekly News Paper


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