सुबह 6 बजे से पोस्ट ऑफिस में लग रही लंबी कतार प्रशासन ने साधी चुप्पी आमजन की मांग अन्य स्थानों में भी बनाये जाए आधारकार्ड
नैनपुर -- बाजार में ई-मित्र की दुकानों पर जब से आधार कार्ड बनने बंद हुए हैं, तभी से लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। सरकार ने निजी दुकानों पर से आधार कार्ड बनाने वाली मशीन बंद कर दी, वर्तमान में आधार कार्ड की मशीनें केवल सरकारी भवनों में ही संचालित की जा रही हैं। आधार कार्ड का सारा काम सरकारी कर्मचारी की निगरानी में करने के आदेश प्रदेश में सरकार द्वारा जारी किए गए थे जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण कार्य मिल सके, लेकिन हालात क्षेत्र में इसके उलट हैं। आधार कार्ड बनवाने के लिए किसान, छात्र, बेरोजगार युवा, महिला, बच्चे व आम नागरिक सभी परेशान नजर आ रहे हैं।नैनपुर में आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रशासन द्वारा एक ही केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिस पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। यह पोस्टऑफिस परिसर में संचालित हो रहा है, जो सुबह 10,30 बजे के बाद खुलता है। उससे पहले ही यहां लोगों की सुबह 6 बजे से कतारें लग जाती हैं। ओर तो भीड़ तो ऐसी जैसे मेला लग गया हो पर क्या करे मजबूरी है आमजन की आधारकार्ड जो बनवाना है प्रतिदिन की समयावधि पूर्ण हो जाने के बाद ही लोगो की भीड़ कम नहीं हो रही है। समय पर लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।आधारकार्ड बना रहे कर्मचारी भी लोगो से अभद्रता करते नजर आ रहे है फिर भी लोगो की मजबूरी है जो बेशर्म होकर आधारकार्ड बनवाने लंबी कतारों में खड़े है बारिश के मौसम में भी पोस्टऑफिस के द्वारा पोस्टऑफिस के बाहर किसी भी प्रकार की पानी से बचने की व्यवस्था नही की गई है मजबूर ओर लाचार जनता पानी मे भीगते हुए भी कतार में खड़ी नजर आ रही है लेकिन पोस्टऑफिस के अधिकारियों को इससे कोई लेना देना नही है वही ग्रामीण इलाकों से आये लोगो ने बताया कि अपने बच्चों के आधारकार्ड बनवाने के लिए सुबह से भूखे प्यासे कतार में खड़े रहते है कतार से अलग होने में भी डर लगता है कि कोई दूसरा इस कतार में खड़े न हो जाये क्योकि भीड़ अधिक है लगातार 3 से 4 दिन परेशान होने के बाद ही आधारकार्ड बनते है इतना सब होते नजर आने के बाद भी नगर एवं जिले उच्च अधिकारी भी इस परेशानी का अभी तक कोई हल नहीं निकाल पाए हैं। कार्ड में न तो संशोधन हो रहा है और न ही खातों से लिंक हो पा रहे हैं। कहने को तो आधार कार्ड को सरकार ने भी महत्वपूर्ण दस्तावेज बना दिया है, लेकिन यह लोग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
शासन की योजनाओं के लिए अनिवार्य है
शासन की किसी भी प्रकार की योजना हो, चाहे व शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने के लिए हो, मुआवजा राशि के लिए, बैंक खाता खोलने के लिए, किसी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए, विभिन्न प्रकार की पेंशन के लिए, कई शासकीय विभागों में शासन की योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है, किन्तु जिन लोगो के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं वे शासन की योजनाओं से वंचित होते जा रहे हैं।
ये काम हो रहे प्रभावित
-किसानों का आधार बैंक खाता से लिंक नहीं हो पा रहा है।
-युवा अपने आधार नहीं बनवा पा रहे है।
-प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने वाले छात्रों को परेशानी हो रही है।
-जिन लोगों के आधार में या नाम में कोई संशोधन हो उनमें भी अपडेट नहीं हो पा रहा है।
-बैंक खाता भी नहीं खुल पा रहे हैं।
-बिना आधार के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का ओटीपी भी नहीं मिल पा रहा है।
-आधार कार्ड नहीं होने के कारण लोग अपना चरित्र प्रमाण भी नहीं बनवा पा रहे हैं।



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