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Wednesday, June 3, 2020

कोरोना से जंग के असली हीरो लैब टेक्नीशियन्स- पढ़ें क्यों

संदिग्ध मरीजों का सेम्पल लेना जोखिम भरा, लेकिन मानव सेवा के लिए मैं अपने कर्त्तव्य  पथ पर अडिग - रविन्द्र



मण्डला
 कोरोना महामारी इस समय वैश्विक समस्या है। प्रदेश के साथ-साथ मंडला जिला भी इस समस्या से जूझ रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अपनी रणनीति से कोरोना को हराने कृतसंकल्प है। स्वास्थ्य विभाग का संपूर्ण अमला कोरोना के खिलाफ जंग में पहली कतार में खड़ा है। कोराना संदिग्ध मरीजों का सेम्पल लेने से लेकर उनको स्वस्थ करके डिस्चार्ज करने तक हर कोई अपना संपूर्ण योगदान दे रहा है। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर उनका सेम्पल लेने का महत्वपूर्ण कार्य स्वास्थ्य विभाग का लैब टेक्नीशियन अमला पूरी मुस्तैदी से कर रहा है।
 कोरोना बीमारी के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर संदिग्ध मरीज का नमूना लेना वास्तव में चुनौतीपूर्ण है लेकिन लैब टेक्नीशियन्स अपने हौसले से हर दिन इस चुनौती को मात दे रहे हैं। ऐसे ही एक कोरोना योद्धा लैब टेक्नीशियन रविन्द्र कुमार मर्सकोले हैं। जिला चिकित्सालय में कार्यरत् रविन्द्र इन दिनों संदिग्ध मरीजों की सेम्पलिंग के चुनौतीपूर्ण काम को सफल रूप से अंजाम दे रहे हैं। अपने काम के बारे में बात करते हुए रविन्द्र कहते हैं ’संदिग्ध मरीज की खबर मिलने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मेरा काम शुरू हो जाता है। मैं पीपीई किट पहनकर खुद की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए संदिग्ध मरीज का सेम्पल लेता हूँ और इसे प्रोटोकॉल के अनुसार लैब भेजने की कार्यवाही करता हूँ।’
 लैब टेक्नीशियन कोरोना योद्धाओं का यह जोखिम भरा काम हर दिन ऐसे ही चलता है। एक ओर परिवार की सुरक्षा की चिंता, वहीं दूसरी ओर अपने कर्त्त व्य  का पालन करते हुए मानव सेवा का काम करना। अपने चुनौतीपूर्ण कार्य के बारे में रविन्द्र कहते हैं- ’जब मैं सेम्पल लेने जाता हूँ तो घर-परिवार के लोगों में डर बना रहता है। मैं अपने काम के दौरान और बाद में भी कोराना से बचाव के लिए पूरी सावधानी और सतर्कता से प्रोटोकॉल का पालन करता हूँ। इसलिए घर में प्रवेश करने से पहले अपने कपड़ों को गर्म पानी से धोना, नहाना और अन्य जरूरी सामग्री को सेनीटाईज करने की प्रक्रिया अपनाता हूँ किन्तु मरीज की निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही मैं राहत की सांस ले पाता हूँ। मेरा काम कठिन है, मुझे भी कोरोना पॉजीटिव होने का डर रहता है किन्तु किसी न किसी को तो आगे आना होगा, मैं मानव सेवा के लिए अपने कर्त्तॉव्यक पथ पर अडिग हूँ।
 रविन्द्र ने ही नैनपुर विकासखण्ड के ग्राम पिण्डरई और घुघरी के ग्राम भौकादेवरी में बाहर से आए व्यक्तियों की संदिग्ध होने की सूचना मिलने पर सेम्पलिंग की थी जिनकी बाद में पॉजीटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इसी प्रकार बक्छेरादौना के मृत युवक की सेम्पलिंग का कार्य भी रविन्द्र ने ही किया था जिसकी बाद में रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई थी। निश्चित तौर पर रविन्द्र जैसे कर्त्तीव्यिनिष्ठ योद्धाओं के चलते ही हमारा जिला कोरोना से लड़ाई में निरंतर अच्छा काम कर रहा है।

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