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मण्डला- नैनपुर: SDM, तहसीलदार, दो नायाब तहसीलदार के मौजूदगी होने के वावजूद नही हुआ सोशल डिटेन्स का पालन

मण्डला - नैनपुर



देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 22 मार्च से लगातार 17 मई तक संपूर्ण भारत देश को एक साथ लॉक डाउन किए जाने का आदेश दिया गया है जिससे लोगों के बीच सामाजिक दूरियां बनाई जा सके और कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। वही तीन मई से ग्रीनजोन में शर्तो के पालन के साथ दुकाने भी खोलने के आदेश दिए गए वहीं एक तरफ शासन प्रशासन के अधिकारियों पुलिस के द्वारा दुकानदारों एवं जनता को लॉग डाउन में सोशल डिस्टेंस की नियमों से अवगत कराया जा रहा वहीं जो लोग  अपने वाहन लेकर बाजार में आ रहे हैं उनके वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करवाया गया बार-बार यह समझाएं  शासन प्रशासन के द्वारा दी जा रही है  लेकिन इसके बावजूद भी नैनपुर चेकपोस्ट में दूसरे प्रदेशों से आने वालों मजदूरों को समझाइश न देते हुए शासन व प्रशासन आदेशों की धज्जियां उड़ाता स्वयं नजर आ रहा है

       लॉक डाउन के दौरान इन दिनों अन्य प्रदेशों से लगातार सैकड़ो की तादाद में मजदूर नैनपुर मण्डला सिवनी सीमा पर रोजाना नजर आ रहे है जहाँ एक ओर शासन प्रशासन बाजार खुलने पर लोगो सोशल डिस्टेंस के नियमो से अवगत कराता नजर आ रहा है इसी प्रशासन की पोल खुलते हुए भी नजर आ रही है सब कुछ जानने वाला प्रशासन भी आज अज्ञान नजर आने लगा है प्रशासन के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग को नजर अंदाज कर कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को कंट्रोल करने में सहयोग करने के बजाय और अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। चेकपोस्ट पर लोग अति शीघ्र अपने रहवास जाने हेतु एक दूसरे से दूरी बनाकर रहने के बजाय एक साथ खड़े होकर बाते करते नजर आ रहे हैं।
 तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है नियमो का उलघ्घन
         तस्वीरें कवरेज की गई फोटो में साफ तौर से देखा जा सकता है अन्य प्रदेशों से लौटे मजदूर वर्ग लोगों के बीच चेकपोस्ट पर किस तरह से सोशल डिस्टेंस नही बनाया गया है जबकि नैनपुर  चेकपोस्ट में तहसीलदार साहब, दो नायाब तहसील खुद अपनी खुली आंखों से नियमों के उल्लंघन का नजारा देख कर भी अनदेखा करते नजर आए अगर इसी तरह नियमों की अनदेखी  की गयी तो यही स्थिति नैनपुर कस्बे सहित क्षेत्र के अन्य क्षेत्रो पर बन सकती है और अगर शासन प्रशासन ने तत्काल व्यवस्था में सुधार नहीं करवाया तो वह दिन दूर नहीं जब छोटे छोटे कस्बों और गांव के लोगों को कोरोना वायरस लोगो को अपनी गिरफ्त में ले चुका होगा।


          तब तक स्थिति इतनी भयावह हो चुकी होगी कि उस पर काबू पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा।स्थानीय प्रशासन को तत्काल सार्थक कदम उठाने होंगे क्योकि दूसरे प्रदेशों से आये मजदूर लोगो को पता होने के बावजूद भी घर जल्दी पहुँचने की होड़ में नियमों का पालन नही कर पा रहे पर उनकी निगरानी में लगे अधिकारी कर्मचारियों को तो सब पता कि  सोशल डिस्टेंन्स क्या होता है।


       रेवांचल टाइम्स से राजा विश्कर्मा नैनपुर की रिपोर्ट

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