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Tuesday, May 26, 2020

बीजाडांडी: झोलाछाप डॉ की दवाखाना दूकान सील, फिर खोल दी, जिला आयुष अधिकारी संदेह के घेरे में

प्रेटिक्स डॉक्टर के क्लिनिक पर आयुष अधिकारी द्वारा कार्यवाही करना सवालों के घेरे में




       बीजाडांडी-मंडला जिला आयुष अधिकारी पीडी गुप्ता बीजाडांडी के सुलखिया दवाखाने पर निष्पक्ष कार्यवाही न करने के चलते पहले ही विवादों में चल रहें हैं। ऊपर से प्रेक्टिश डॉक्टर के क्लिनिक पर बिना अधिकारियों को बतायें बगैर कार्यवाही करने से एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आरहे हैं। क्यों कि बीते 30 अप्रैल 2020 को जिला आयुष अधिकारी पीडी गुप्ता ने बीजाडांडी के सुलखिया दवाखाने की जाँच के दौरान भारी  मात्रा में लाखों की ऐलोपैथिक दवाईयां पकड़ी थी। लेकिन उस दौरान जिला आयुष अधिकारी ने सुलखिया दवाखाने की दवाईयों को जप्त नही किया, बल्कि दवाखाने के संचालक को चाबियां सौंप कर वहाँ से चलते बनें और आजतक सुलखिया दवाखाना व संचालक पर किसी प्रकार की कार्यवाही न करना इनकी निष्पक्षता और ईमानदारी पर सवाल खड़े करता है। और कुछ दिन बाद पुनः बीजाडांडी के वैष्णव क्लिनिक में कार्यवाही कर एलोपैथिक दवाईयों को जप्त करना और प्रेक्टिश डॉक्टर के द्वारा दस्तावेज दिखाये जाने पर बिना जांचें परखे उनको फर्जी बताना द्वेष भावना और किसी व्यक्ति विशेष के इसारे पर कार्यवाही करना दरसाता हैं। वही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना हैं आयुष अधिकारी पीडी गुप्ता पहले से ही विवादों में चल रहें हैं। चाहें उनके कार्यालय में लोकायुक्त छापा हो चाहें प्रेक्टिश डॉक्टरों पर कार्यवाही का मामला हो। बीते दिनों भी 30-4-2020 को पीडी गुप्ता ने सुलखिया दवाखाने में भारी मात्रा में लाखो की ऐलोपैथिक दवाईयां मिली थी, लेकिन उसके बाउजूद दवाखाने और संचालक पर आज तक कार्यवाही न करना और पुनः एक बार फिर से पिछली बार की तरह क्लिनिक पर कार्यवाही करने से प्रतीत होता हैं कि पीडी गुप्ता जैसे अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में प्रेक्टिश करने वाले डॉक्टरों से सिर्फ बसूली करतें हैं। ऐसे बसूली बाज अधिकारियों पर जिले के आला अधिकारियों को कार्यवाही करनी चाहिये।
         बतादें जब जिला आयुष अधिकारी पीडी गुप्ता से पूछा गया क़ि आपने सुलखिया दवाखाने और उसके संचालक पर कार्यवाही क्यों नही करी तो श्री गुप्ता जी अपना पल्ड्ड़ा झारते हुऐ कहा मैने अपनी तरफ से सुलखिया के खिलाप कार्यवाही के लियें प्रतिवेदन बना कर जिला कलेक्टर व जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दे दिया हैं। अब ये लोग कार्यवाही क्यों नही कर रहें हैं आप उनसे पूछे।
अब सवाल ये उठता हैं कि जब जिला आयुष अधिकारी ने जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सुलखिया दवाखाने के खिलाप प्रतिवेदन दिया हैं तो कार्यवाही क्यों नही की जारही।

रेवांचल टाइम्स से रवि झरिया की रिपोर्ट

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