अवैध निर्माण रोकने के आदेश जारी करने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका गया SDM के आदेश की अवहेलना।
मंडला।नगर परिषद भुआ बिछिया के अंतर्गत वार्ड नंबर 12 जंतीपुर पटवारी हल्का नंबर 23 राजस्व निरीक्षक मंडल बिछिया की आबादी भूमि खसरा नंबर 158/5 शासन से बगैर रजिस्ट्री कराए रहवासी पक्का भवन का निर्माण अवैध रूप से किया जा रहा हैं।उक्त खसरा नंबर में से 100×50=5000 हजार वर्ग फिट की आबादी भूमि शिकायतकर्ता राजेश्वरी झरिया के चाचा गनपत लाल झरिया पिता स्व. रघुवीर प्रसाद झरिया के कब्जे में लगभग डेढ़ सौ साल से बताई जा रही है।और उक्त भूमि को गनपत लाल झरिया पिता रघुवीर प्रसाद झरिया के द्वारा अनुसुईया बाई पति केशव प्रसाद मोंगरे को 01 लाख 65 हजार रूपए में बेचे जाने की लिखा पढ़ी 100 रुपए के स्टांप में दिनांक 18-10-2007 को की गई थी। विक्रय की गई भूमि का खसरा नंबर का उल्लेख स्टांप में नहीं किया गया है और भूमि विक्रय की लिखा पढ़ी अवैध रूप से 100 रुपए के स्टांप में किया गया है।क्या लाखों के क्रय विक्रय के लिए 100 रूपए का स्टांप वैध हैं।जबकि उक्त खसरा नंबर की भूमि गनपत लाल झरिया के द्वारा डेढ़ सौ सालों से कब्जा मात्र था लेकिन शासन के द्वारा गनपत लाल झरिया के नाम से कोई रजिस्ट्री नहीं की गई थी,मात्र कब्जे के आधार पर गनपत लाल झरिया के द्वारा अनुसुईया बाई मोंगरे को 100 रुपए के स्टांप में बगैर नोटरी के लाखों की लिखा पढ़ी की गई जो वैध नहीं है।और अनुसुईया बाई पति केशव प्रसाद मोंगरे के द्वारा नगर परिषद से अनुमति लिए बगैर अवैध रूप से भवन का निर्माण किया जा रहा था।अवैध निर्माण के संबंध में बिछिया की नवागत पदस्थ एसडीएम श्रीमती सुलेखा ठाकुर को जानकारी देने के बाद नगर परिषद के द्वारा आनन-फानन में निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी किया गया लेकिन अवैध निर्माण कर्ता अनुसुईया बाई के द्वारा निर्माण कार्य को नहीं रोका गया है और तेज गति के साथ 30-35 लेवर लगाकर भवन में स्लेप ना डालकर एक ही दिन में छप्पर कर दिया गया है।अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण कार्य में राजस्व विभाग और नगर परिषद का पूर्ण सहयोग रहा है जिसके चलते अवैध निर्माणकर्ता के द्वारा निडर होकर महीनों से निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। शिकायत करने के बाद राजस्व व नगर परिषद के आला अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गईं।जिससे अवैध निर्माणकर्ता के द्वारा निश्चिंत होकर निर्माण कार्य किया जा रहा था।
रेवांचल टाइम्स से पवन राय की रिपोर्ट
मंडला।नगर परिषद भुआ बिछिया के अंतर्गत वार्ड नंबर 12 जंतीपुर पटवारी हल्का नंबर 23 राजस्व निरीक्षक मंडल बिछिया की आबादी भूमि खसरा नंबर 158/5 शासन से बगैर रजिस्ट्री कराए रहवासी पक्का भवन का निर्माण अवैध रूप से किया जा रहा हैं।उक्त खसरा नंबर में से 100×50=5000 हजार वर्ग फिट की आबादी भूमि शिकायतकर्ता राजेश्वरी झरिया के चाचा गनपत लाल झरिया पिता स्व. रघुवीर प्रसाद झरिया के कब्जे में लगभग डेढ़ सौ साल से बताई जा रही है।और उक्त भूमि को गनपत लाल झरिया पिता रघुवीर प्रसाद झरिया के द्वारा अनुसुईया बाई पति केशव प्रसाद मोंगरे को 01 लाख 65 हजार रूपए में बेचे जाने की लिखा पढ़ी 100 रुपए के स्टांप में दिनांक 18-10-2007 को की गई थी। विक्रय की गई भूमि का खसरा नंबर का उल्लेख स्टांप में नहीं किया गया है और भूमि विक्रय की लिखा पढ़ी अवैध रूप से 100 रुपए के स्टांप में किया गया है।क्या लाखों के क्रय विक्रय के लिए 100 रूपए का स्टांप वैध हैं।जबकि उक्त खसरा नंबर की भूमि गनपत लाल झरिया के द्वारा डेढ़ सौ सालों से कब्जा मात्र था लेकिन शासन के द्वारा गनपत लाल झरिया के नाम से कोई रजिस्ट्री नहीं की गई थी,मात्र कब्जे के आधार पर गनपत लाल झरिया के द्वारा अनुसुईया बाई मोंगरे को 100 रुपए के स्टांप में बगैर नोटरी के लाखों की लिखा पढ़ी की गई जो वैध नहीं है।और अनुसुईया बाई पति केशव प्रसाद मोंगरे के द्वारा नगर परिषद से अनुमति लिए बगैर अवैध रूप से भवन का निर्माण किया जा रहा था।अवैध निर्माण के संबंध में बिछिया की नवागत पदस्थ एसडीएम श्रीमती सुलेखा ठाकुर को जानकारी देने के बाद नगर परिषद के द्वारा आनन-फानन में निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी किया गया लेकिन अवैध निर्माण कर्ता अनुसुईया बाई के द्वारा निर्माण कार्य को नहीं रोका गया है और तेज गति के साथ 30-35 लेवर लगाकर भवन में स्लेप ना डालकर एक ही दिन में छप्पर कर दिया गया है।अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण कार्य में राजस्व विभाग और नगर परिषद का पूर्ण सहयोग रहा है जिसके चलते अवैध निर्माणकर्ता के द्वारा निडर होकर महीनों से निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। शिकायत करने के बाद राजस्व व नगर परिषद के आला अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गईं।जिससे अवैध निर्माणकर्ता के द्वारा निश्चिंत होकर निर्माण कार्य किया जा रहा था।
रेवांचल टाइम्स से पवन राय की रिपोर्ट
