बाजार बसने के पहले लगने ही उजड़ गया मछली मार्केट।
नही हुए मछली मार्केट की दुकान अलॉट कब होंगे मार्केट शिफ्ट ?
आंधी में उड़ गया शेड, नगर पंचायत को नहीं फिक्र 8 से 10 दिन हो गए आंधी तूफान आये
किस मद से होगा सुधार कार्य ?
रेवांचल टाइम्स, डिंडोरी, 27 मई 2020, जिम्मेदारों की लापरवाही का नमूना देखना है तो जिला मुख्यालय का मछली मार्केट देखे, जो पिछले दिनों आई आंधी में उजड़ गया पर नगर पंचायत के अधिकारियों ने हफ्ते भर बाद भी सुध नहीं ली वहां बने शेड की टीन बगैरा आज भी वही पड़ी है यदि लॉक डाऊन न होता तो अब तक लोग टिनो को उठाकर ले गए होते पर इसकी नगर परिषद को किसी भी प्रकार की चिंता नहीं है.
गौरतलब है कि इस मछली मार्केट को बने साल भर होने को आया किन्तु नगर पंचायत न तो मीट, अंडा, मछली विक्रेताओं को दुकाने आवंटित कर पाई न ही मेन मार्केट के नर्मदा पुल के पास से ये कारोबार हटवा पाई जबकि शहर में इस मार्केट का भारी विरोध है। भी किया गया था ।
नगर पंचायत के अधिकारी इन दुकानों के आबंटन को लेकर कलेक्टर महोदय का हवाला देते है कि दुकानों का आबंटन जिला कलेक्टर करेगे, लाखों रुपए की दुकानें डी डी मार्केट के प्रथम मंजिल पर बनाकर चुपचाप उन्हीं व्यापारियों को आबंटित कर दी गई जिनकी नीचे भी दुकानें है किसी को भनक भी नहीं लगी जबकि ऊपर की दुकानें खुली बोली के माध्यम से आबंटित की जाती तो कई जरूरतमंदो को स्थान उपलब्ध होता और अधिक राजस्व भी नगर पंचायत को मिल सकता था पर केवल नीचे की दुकान वालों को ऊपर गोदाम उपलब्ध करवाने के लिए नगर पंचायत ने एक बड़ा नाटक रचा तब आबंटन जिला कलेक्टर से नहीं करवाया गया। और अब इन छोटे छोटे शेडों का आबंटन जिला कलेक्टर के हाथ बताया जा रहा है।
यदि समय रहते इनको आबंटित कर दिया होता तो जो नुकसान हुआ वह नगर परिषद को नहीं भुगतना पड़ता पर लापरवाही के चलते अब इसकी भरपाई परिषद को करनी होगी। हालाकि इसको लेकर सीएमओ का कहना है कि हमें जानकारी है और टीम द्वारा निरीक्षण कर लिया गया है और सुधार कार्य संबंधित ठेकेदार से करवाया जाएगा।
ठेकेदार साल भर पहले कार्य पूर्ण कर चुका है और गुणवत्ता संबंधी कोई दोष कार्य में नहीं था, नगर परिषद की लापरवाही के चलते दुकानें आबंटित नहीं की गई यदि दुकानदारों को दे दी गई होती तो इसका रखरखाव वो लोग करते, ठेकेदार के काम में कमी थी तो उपयंत्री ने भुगतान कैसे कर दिया और पहले ही सुधार क्यों नहीं करवाया गया ऐसे बहुत से सवाल और जवाब हो सकते है पर आखिर नगर पंचायत की ही लापरवाही और अनदेखी उजागर होती है हर जवाब के बाद क्यों समय रहते दुकानें संबंधितों को सौंपी गई जबकि नगर परिषद के लाखों रुपए इस कार्य में खर्च हुए है।
इनका कहना है :-
हमें पिछले दिनों आंधी में शेड उड़ जाने की जानकारी मिली थी उसका निरीक्षण करा लिया है, संबंधित ठेकेदार से सुधार कार्य करवाया जाएगा।
शशांक आर्मो
मु. न.पा. अधिकारी
डिंडोरी
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Revanchal Times Weekly News Paper

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