₹5.36 लाख से बनी नवोदय विद्यालय की बाउंड्री वॉल एक महीने में ढही, PWD की गुणवत्ता पर सवाल
मंडला के पदमी स्थित विद्यालय में जून 2025 में पूरा हुआ था निर्माण, जुलाई में दीवार गिरने का दावा; विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला जवाहर नवोदय विद्यालय पदमी का है, जहां क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल के पुनर्निर्माण के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद दीवार के एक महीने के भीतर ही ढह जाने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर की लगभग 40 मीटर क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को दोबारा बनाने के लिए विद्यालय की ओर से लोक निर्माण विभाग को 5 लाख 36 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए थे। विभाग ने जून 2025 में निर्माण कार्य पूरा किया, लेकिन जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में ही दीवार गिर गई। आरोप है कि इसके बाद भी पुनर्निर्माण नहीं कराया गया।
विद्यालय ने PWD को दी थी ₹5.36 लाख की राशि
मिली जानकारी के मुताबिक, जवाहर नवोदय विद्यालय पदमी की करीब 40 मीटर लंबी क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान विद्यालय की ओर से लोक निर्माण विभाग को 5 लाख 36 हजार रुपये दिए गए थे।
इस राशि से विद्यालय परिसर की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाना था, ताकि परिसर सुरक्षित रहे और बाहरी व्यक्तियों तथा जानवरों के अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके।
जून में बनी दीवार, जुलाई के पहले सप्ताह में ही ढह गई
जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग ने जून 2025 में बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य पूरा कर दिया था। लेकिन जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में ही दीवार गिर गई।
यदि निर्माण पूरा होने और दीवार गिरने की बताई गई समयावधि की पुष्टि होती है, तो यह निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री, नींव और तकनीकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल पैदा करती है।
हालांकि दीवार गिरने का वास्तविक कारण तकनीकी परीक्षण और विभागीय जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा। केवल दीवार गिरने के आधार पर निर्माण में भ्रष्टाचार या किसी अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।
बाउंड्री वॉल नहीं बनने से बच्चों की सुरक्षा को खतरा
बताया जा रहा है कि दीवार गिरने के बाद से विद्यालय परिसर का संबंधित हिस्सा असुरक्षित बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि खुले हिस्से से खतरनाक जानवर विद्यालय परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय आवासीय शिक्षण संस्थान है। ऐसे में परिसर की सुरक्षा दीवार का सही स्थिति में होना विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
अभिभावकों की चिंता है कि यदि क्षतिग्रस्त हिस्से की समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
पूर्व इंजीनियर की निगरानी में हुआ था निर्माण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाउंड्री वॉल का निर्माण लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन इंजीनियर श्री भलावी की देखरेख में कराया गया था।
मामला विभाग की वर्तमान इंजीनियर त्रिपाठी के संज्ञान में भी होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त दीवार के दोबारा निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
इस संबंध में संबंधित इंजीनियरों और विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य की जांच हुई या नहीं और पुनर्निर्माण में देरी का कारण क्या है।
निर्माण की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया की जांच की जरूरत
इस पूरे मामले में निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों और तकनीकी रिपोर्ट की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण में किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया था, गुणवत्ता परीक्षण हुआ था या नहीं तथा कार्य पूर्ण होने के बाद किस आधार पर उसे स्वीकार किया गया।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी या ठेकेदार की जिम्मेदारी, मरम्मत की गारंटी और दीवार गिरने के बाद की गई विभागीय कार्रवाई का विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पहला सवाल: ₹5.36 लाख की लागत से बनी दीवार एक महीने के भीतर कैसे गिर गई?
दूसरा सवाल: निर्माण सामग्री और नींव की गुणवत्ता का परीक्षण किसने किया?
तीसरा सवाल: कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र और भुगतान किस आधार पर जारी हुए?
चौथा सवाल: दीवार गिरने के बाद क्या कोई तकनीकी जांच कराई गई?
पांचवां सवाल: विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पुनर्निर्माण कब तक होगा?
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शीघ्र कार्रवाई जरूरी
नवोदय विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण आवासीय शिक्षण संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही चिंता का विषय है। विद्यालय की बाउंड्री वॉल लंबे समय तक क्षतिग्रस्त रहने से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
आवश्यकता है कि संबंधित विभाग तत्काल स्थल निरीक्षण कराए, दीवार गिरने के कारणों की जांच करे और विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करे।
स्थान: जवाहर नवोदय विद्यालय पदमी, मंडला
निर्माण विभाग: लोक निर्माण विभाग (PWD)
बाउंड्री वॉल: लगभग 40 मीटर
स्वीकृत/प्रदत्त राशि: ₹5,36,000 बताई गई
निर्माण पूर्ण: जून 2025
दीवार गिरने का समय: जुलाई 2025 का पहला सप्ताह
प्रमुख चिंता: निर्माण की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा
विभागीय जांच: आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नवोदय विद्यालय की सुरक्षा दीवार का एक महीने के भीतर गिर जाना गंभीर जांच का विषय है। अब जरूरी है कि निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय जिम्मेदारी स्पष्ट हो तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जल्द कार्रवाई की जाए।
