मां खोडियार दरबार सेवा समिति ने श्रद्धा के साथ किया जवारे विसर्जन, नर्मदा तट पर गूंजे भक्ति के स्वर
पड़ाव दुर्गा मंदिर से भगवान वाल्मीकि घाट तक निकली विसर्जन यात्रा, पूजा-अर्चना और नर्मदा आरती के बाद हुआ विसर्जन
मंडला। शारदीय नवरात्रि की नवमी के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मां खोडियार दरबार सेवा समिति द्वारा श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ जवारे विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार निकाली गई विसर्जन यात्रा में माता रानी के भक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना के बाद नवमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक विधि-विधान से जवारों का पूजन किया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा।
नवरात्रि की नवमी पर पड़ाव स्थित दुर्गा मंदिर से निकली जवारे विसर्जन यात्रा भगवान वाल्मीकि घाट पहुंची, जहां मां नर्मदा की आरती, पूजा-अर्चना और जवारों के विसर्जन के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
पड़ाव दुर्गा मंदिर से प्रारंभ हुई जवारे विसर्जन यात्रा
मां खोडियार दरबार सेवा समिति के तत्वावधान में जवारे विसर्जन यात्रा का शुभारंभ नगर के पड़ाव स्थित दुर्गा मंदिर से किया गया। माता रानी के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी और भगवान वाल्मीकि घाट पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए नवरात्रि पर्व के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
भगवान वाल्मीकि घाट पर हुई मां नर्मदा की आरती
विसर्जन यात्रा के भगवान वाल्मीकि घाट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पावन तट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
यहां भक्तों ने मां नर्मदा की आरती उतारकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके बाद जवारों का पूजन किया गया और माता रानी के समक्ष अरदास की गई।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने मां खोडियार और मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
मां नर्मदा की आरती और जवारों की विधिवत पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ विसर्जन किया। आयोजन में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण रहा।
विधि-विधान से किया गया जवारों का विसर्जन
मां नर्मदा की आरती और पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति से जवारों का विसर्जन किया। इस अवसर पर माता रानी के प्रति भक्तों की श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला।
मां खोडियार दरबार सेवा समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से नवरात्रि की परंपराओं का निर्वहन किया गया।
प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन
जवारे विसर्जन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। भक्तों ने प्रसादी ग्रहण कर धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
मां खोडियार दरबार सेवा समिति द्वारा आयोजित जवारे विसर्जन कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, भक्तिभाव और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस आयोजन ने नवरात्रि की पारंपरिक आस्था और सामूहिक धार्मिक सहभागिता को एक बार फिर जीवंत किया।
