अरौली में महिला पर हमले के बाद बाघ का सफल रेस्क्यू, वन विभाग की टीम ने चलाया विशेष अभियान
सुबह पांच बजे घर की बाड़ी में मिला बाघ, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; सुरक्षित रेस्क्यू कर मुक्की क्वारंटीन सेंटर भेजा
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मण्डला। कान्हा टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम अरौली में महिला पर बाघ के हमले के बाद वन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर एक बाघ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 5 बजे गांव के एक घर की बाड़ी में बाघ के मौजूद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद आवश्यक अनुमति प्राप्त कर बाघ को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चला रेस्क्यू अभियान
बाघ के रेस्क्यू की कार्रवाई सुश्री अमिता के.बी., उपसंचालक, बफर जोन वनमण्डल, कान्हा टाइगर रिजर्व के निर्देशन में की गई। अभियान के दौरान डॉ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक; आशीष कुमार पाण्डेय, सहायक संचालक, सिझौरा तथा श्रीमती अर्चना नारनौरे, सहायक वन संरक्षक, वन विकास निगम, मण्डला उपस्थित रहे।
इन अधिकारियों के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र खटिया के रेस्क्यू दल एवं वन विभागीय अमले ने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफलता प्राप्त की। अभियान के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
पुलिस, हॉक फोर्स और ग्रामीणों का मिला सहयोग
रेस्क्यू अभियान में थाना खटिया एवं थाना टाटरी के पुलिस बल, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के चलते रेस्क्यू कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई।
वन विभाग के अनुसार अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
एक रात पहले महिला पर हुआ था बाघ का हमला
उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 10:15 बजे ग्राम अरौली में अपने घर के खुले स्थान पर सो रही 46 वर्षीय रमली बाई मरावी, पति रेवाराम मरावी पर बाघ ने हमला कर दिया था। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलने के बाद घायल महिला को तत्काल शासकीय चिकित्सालय बम्हनी बंजर पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय मंडला और वहां से बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया।
फिलहाल घायल महिला का जबलपुर में उपचार जारी बताया गया है। विभाग के अनुसार पीड़िता को नियमानुसार तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे
घटना के बाद परिजनों की ओर से वन विभाग द्वारा समय पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और घायल महिला को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाने की बात कही गई थी। वहीं, अब वन विभाग ने अपने विवरण में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने और घायल महिला को शासकीय चिकित्सालय बम्हनी बंजर पहुंचाने की जानकारी दी है।
ऐसे में घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने की परिस्थितियों और विभागीय सहायता के समय को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों की स्थिति स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में मुनादी कराई, रात में विशेष गश्ती दल तैनात
महिला पर हमले के बाद वन विभाग ने ग्राम अरौली और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी थी। ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सावधान रहने की सूचना दी गई।
इसके साथ ही रात्रि के समय विशेष गश्ती दल गठित कर क्षेत्र में निगरानी शुरू की गई। वन विभागीय अमला बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा था। इसी बीच 8 अक्टूबर की सुबह एक घर की बाड़ी में बाघ मौजूद होने की सूचना मिली, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
रेस्क्यू किए गए बाघ को मुक्की क्वारंटीन सेंटर भेजा
सफल रेस्क्यू के बाद बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सक की निगरानी में क्वारंटीन सेंटर, मुक्की भेजा गया है। वहां उसके स्वास्थ्य और व्यवहार का परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यक निगरानी रखी जाएगी।
हालांकि, रेस्क्यू किया गया बाघ ही महिला पर हमले में शामिल था या नहीं, इसकी स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
घटनाक्रम की प्रमुख बातें
- 7 अक्टूबर, रात 10:15 बजे : ग्राम अरौली में रमली बाई मरावी पर बाघ का हमला।
- 8 अक्टूबर, सुबह 5 बजे : गांव के एक घर की बाड़ी में बाघ मौजूद होने की सूचना।
- रेस्क्यू अभियान : कान्हा टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू दल ने बाघ को सुरक्षित पकड़ा।
- विभागीय सहयोग : पुलिस, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता।
- बाघ की स्थिति : मुक्की क्वारंटीन सेंटर में स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी।
- घायल महिला : जबलपुर में उपचार जारी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्राम अरौली एवं आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। किसी वन्यप्राणी की गतिविधि दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें।
ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें और विभागीय कर्मचारियों द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों प्राथमिकता
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार क्षेत्र में गश्त और निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी है। वन विभाग मानव सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण को भी प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठा रहा है।
बाघ का सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद तत्काल खतरे की स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। हालांकि, कान्हा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बनी हुई है।
