मंडला-डिंडोरी सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार से ग्रामीण परेशान
जलभराव, अधूरी नालियां और टूटती पाइपलाइन बनी परेशानी; कांग्रेस ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर बनाई आंदोलन की रणनीति
दैनिक रेवांचल टाईम्स - मण्डला। मंडला-डिंडोरी मुख्य मार्ग का निर्माण बरबसपुर क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सुविधा के साथ कई नई परेशानियां भी लेकर आया है। सड़क निर्माण की धीमी गति, गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल और निर्माण के दौरान पैदा हुई अव्यवस्थाओं को लेकर बर्राटोला एवं रसैयादोना में ग्रामीणों के साथ बैठक हुई। बैठक में समस्याओं को संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के सामने रखने तथा जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
मंडला से डिंडोरी के बीच एनएच-543 के निर्माण को लेकर पहले भी अलग-अलग क्षेत्रों से समस्याओं की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2026 में ग्राम चाबी क्षेत्र में भी निर्माण कार्य के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को परेशानी होने की शिकायत प्रकाशित हुई थी।
जल निकासी से पाइपलाइन तक ग्रामीणों ने गिनाईं समस्याएं
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान वाटर क्रॉसिंग, जल निकासी, बारिश के पानी के भराव, पेयजल पाइपलाइन की टूट-फूट और सड़क किनारे नालियों जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
बारिश के दौरान सड़क किनारे पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होने की बात कही गई। कई स्थानों पर अधूरी अथवा असमतल नालियों को लेकर भी ग्रामीणों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई।
33 केवी लाइन और बिजली पोल को लेकर भी चिंता
बैठक में 33 केवी हाई-वोल्टेज विद्युत लाइन, केबल और बिजली पोल से जुड़ी समस्याएं भी उठाई गईं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और विद्युत व्यवस्था से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि निर्माण के दौरान अथवा उसके बाद सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा न हों।
निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की मांग
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की वास्तविक प्रगति और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी को मौके पर मौजूद समस्याओं के निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और जहां तकनीकी अथवा निर्माण संबंधी कमी मिले, वहां सुधार कराया जाए।
मंडला-डिंडोरी के बीच एनएच-543 के लगभग 93.48 किलोमीटर हिस्से के निर्माण की परियोजना पहले लगभग 377.9 करोड़ रुपये लागत और 24 महीने की कार्यावधि के साथ रिपोर्ट की गई थी। यह पुरानी परियोजना-संबंधी जानकारी है; वर्तमान लागत, संशोधित समयसीमा और भौतिक प्रगति की पुष्टि नवीन विभागीय रिकॉर्ड से की जानी चाहिए। :contentReference[oaicite:1]{index=1}
ग्रामीणों की समस्याएं विभाग के सामने रखी जाएंगी
बैठक में तय किया गया कि ग्रामीणों की समस्याओं को एकत्र कर संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के सामने रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण की मांग करने और जनहित में आंदोलन करने की बात भी कही गई।
बैठक में पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले, महेंद्र चंदौल, ब्लॉक अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सोनू मलावी, मंडलम अध्यक्ष सुरेश यादव, गणेश पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। डॉ. मर्सकोले पूर्व में भी विधानसभा में मंडला क्षेत्र की सड़कों के निर्माण और सुधार से संबंधित सवाल उठा चुके हैं। :contentReference[oaicite:2]{index=2}
ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण पूरा करने के साथ जल निकासी, पेयजल पाइपलाइन, बिजली व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए। अब संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के जवाब तथा मौके की स्थिति से ही स्पष्ट होगा कि इन शिकायतों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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