गणपति बप्पा की विदाई में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 माह के मासूम यशिव ने खींचा सबका ध्यान
किशोर सागर तालाब पर परिवार संग पहुंचे श्रद्धालु, दादा के साथ आरती करते नन्हे यशिव ने बनाया पल खास
कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में गणपति विसर्जन के दौरान सुबह से रात तक “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे। शहर के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई देने पहुंचे।
किशोर सागर तालाब के बाहरी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में परिवार गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचे। इसी दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों और पत्रकारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी देव कुमार राठौर अपने परिवार के साथ गणपति बप्पा को विदाई देने पहुंचे थे। लेकिन इस बार परिवार के लिए यह अवसर कुछ ज्यादा खास था, क्योंकि उनके साथ उनका लगभग 11 माह का मासूम पोता यशिव राठौर भी पहली बार गणपति विसर्जन में शामिल हुआ।
जब नन्हा यशिव अपने दादा के साथ गणपति बप्पा की आरती में शामिल हुआ और अपने छोटे-छोटे हाथों से पूजा-अर्चना की, तो आसपास मौजूद लोगों का ध्यान स्वतः ही उसकी ओर चला गया। परिवार के लिए भी यह पल भावनात्मक और यादगार बन गया।
परिवार के सदस्यों ने नन्हे बच्चे की धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ी इस पहली सहभागिता को भावनात्मक पल बताया। मौजूद लोगों ने भी बच्चे की मासूमियत और परिवार के साथ उसकी सहभागिता को स्नेह से देखा।
गणपति विसर्जन का यह दृश्य जहां एक ओर श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बना, वहीं परिवार की नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का भाव भी दिखाई दिया।
शहर में विसर्जन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। परिवारों ने पूजा-अर्चना, आरती और जयकारों के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर जल्दी आने की कामना की।
गणपति विसर्जन के दौरान आस्था, पारिवारिक परंपरा और बच्चों की सहभागिता ने माहौल को विशेष बना दिया। नन्हे यशिव की पहली गणपति विदाई परिवार के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अवसर बन गई।
देव कुमार राठौर
कोटा, राजस्थान
कोटा | गणपति विसर्जन | आस्था और परिवार
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