खीरसारु में सनसनीखेज वारदात: युवक-युवती से मारपीट के बाद करंट लगाने का आरोप, युवक की मौत
नैनपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, मामले की विवेचना जारी
दैनिक रेवांचल टाईम्स | मंडला/नैनपुर। थाना नैनपुर क्षेत्र के ग्राम खीरसारु भरवेली में 26 अगस्त को खेत में बेहोशी की हालत में मिले युवक-युवती के मामले में पुलिस जांच के बाद गंभीर घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवक-युवती के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उन्हें बिजली का करंट लगाया गया। दोनों के बेहोश होने के बाद उन्हें अलग-अलग दिशा में फेंके जाने का आरोप है।
घटना में गंभीर रूप से घायल अभिषेक धुर्वे (25), निवासी टाला, थाना केवलारी, जिला सिवनी की हालत लगातार गंभीर बनी रही। उपचार के लिए उन्हें नागपुर ले जाया गया, जहां 16 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
खेत में बेहोश मिले थे दोनों, पैरों पर थे जलने के निशान
26 अगस्त की सुबह खीरसारु भरवेली के एक खेत में युवक और युवती बेहोशी की हालत में मिले थे। दोनों के पैरों पर करंट से जलने जैसे निशान पाए गए। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों को 112 वाहन से सिविल अस्पताल नैनपुर पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार उपचार के दौरान युवक-युवती ने मारपीट के बाद करंट लगाए जाने की बात बताई थी। बाद में परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए बाहर ले गए। अभिषेक की हालत गंभीर बनी रही और अंततः नागपुर में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद तेज हुई जांच, खुलने लगीं वारदात की परतें
युवक की मौत के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल तेज की। पुलिस के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई गई और ग्राम खीरसारु भरवेली के तीन लोगों की कथित भूमिका सामने आई।
उपरोक्त व्यक्ति मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
घर से खेत तक बिजली कनेक्शन लेकर करंट लगाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार आरोप है कि युवक-युवती के गांव आने को लेकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद चमरा उर्फ भूरा द्वारा अपने घर से बिजली कनेक्शन लेकर खेत में दोनों को करंट लगाए जाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक दोनों के बेहोश हो जाने के बाद उन्हें अलग-अलग दिशाओं में फेंक दिया गया। घटनाक्रम से संबंधित तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।
सामाजिक संगठन ने पहले ही उठाई थी निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद एक सामाजिक संगठन ने पिंडरई चौकी में ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। संगठन ने युवक-युवती के साथ बेरहमी से मारपीट कर उन्हें खेत में फेंके जाने की आशंका जताई थी।
युवक की मौत के बाद संगठन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धरना-प्रदर्शन की तैयारी की थी। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रस्तावित आंदोलन वापस ले लिया गया।
हत्या सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज
नैनपुर थाने में अपराध क्रमांक 444/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 115(2) एवं 3(5) सहित प्रासंगिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव वर्मा के मार्गदर्शन में एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, थाना प्रभारी मंशाराम बघेल, पिंडरई चौकी प्रभारी अंशुल गुप्ता, एसआई खुश्बू बिसेन, एसआई राजकुमार हिरणकरे, अवधेश प्यासी, सलुग भावड़े, आरक्षक रागिनी, आशीष, त्रिलोक, संगीता, ज्योति वायम, महेंद्र परते सहित एसएसयू बल ने कार्रवाई में भूमिका निभाई।
खीरसारु की इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। युवक-युवती के साथ वास्तव में क्या-क्या हुआ, घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी और पुलिस के पास उपलब्ध तकनीकी एवं अन्य साक्ष्य क्या बताते हैं—इन सवालों का अंतिम जवाब विस्तृत विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा। फिलहाल तीन आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं और मामले की जांच जारी है।
कानूनी टिप्पणी: समाचार में घटना और आरोपियों की भूमिका से संबंधित विवरण पुलिस जांच एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
